
हावड़ा । भागवताचार्य त्रिभुवनपुरी महाराज के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ में गोवर्धन पूजा, रास लीला, रुक्मिणी विवाह एवं विविध प्रसंग श्रवण कर, भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालु श्रोता भाव-विभोर हो गये ।
गोवर्धन पूजन का प्रसंग सुनाते हुए स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज ने कहा मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एवं भगवान श्रीकृष्ण का अवतार मात्र रावण, कंस एवं असुरों के संहार के लिये नहीं हुआ था, बल्कि सामाजिक व्यवस्था, नागरिकों के जीवन में सुख – शान्ति प्रमुख उद्देश्य था ।
राधे – राधे, जय श्रीकृष्ण जयकारे से गूंज रहे कथा स्थल पर स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज ने कहा भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह की कथा अनूठी है । रुक्मिणी बिना देखे ही श्रीकृष्ण को चाहने लगी थी । जब उनका विवाह शिशुपाल से तय हुआ तो कृष्ण रुक्मिणी का हरण कर द्वारिका ले आए । सांवरिया सत्संग परिवार, श्री श्याम परिवार (हावड़ा) सुखी संसार, समाजसेवी दीपक गुप्ता, राजेश डालमिया, दिलीप कानोड़िया, ललित गुप्ता, अनूप तोदी, धीरेन अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, संदीप पोद्दार, उमाशंकर ओझा, विजय सिंह, अनिल जालान, राजेन्द्र खरकिया एवं श्रद्धालु भक्तों ने व्यास पीठ का पूजन किया ।
