
कोलकाता : श्री काशी विश्वनाथ सेवा समिति के सभापति श्री विवेक गुप्ता के निर्देशानुसार आज पूर्णिमा 2026 पर समिति द्वारा आयोजित श्रावण मेला का सेवाकार्य समापन हुआ। इस वर्ष कांवड़ियों की भीड़ पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी रही प्रतीक सप्ताह लगभग चार लाख कांवड़िया मेला में शामिल हुए तथा समिति ने 17 जुलाई से 28 अगस्त तक प्रतिदिन निःशुल्क सेवा प्रदान की।
प्रमुख सहयोगी संस्थाओं में सोसाइटी बेनिफिट सर्कल, श्री राणीसती प्रचार समिति, स्वतंत्र भारत बालचर मंडल, पटेल पाटीदार सेवा समाज, नव जागृति संघ, सहयोगी समिति मोमिनपुर और श्री नमो नारायणी सेवा संस्थाएँ शामिल रहीं। इन संगठनों और उनके कार्यकर्ताओं के समर्पित योगदान के बिना यह सेवा संभव नहीं थी।
समिति के उपसभापति श्री कमला प्रसाद काजरीया और श्री शिव रतन गेयका का विशेष सहयोग रहा। समिति प्रांगण में उपस्थित प्रधान सचिव श्री बिमल दीवान ने भी मेला समन्वय में सक्रिय भागीदारी निभाई। मेला संयोजक एवं उपसचिव श्री पवन बंसल, श्री सुभाष सवालदवाला तथा मेला संयोजक श्री मनोज चौधरी, मेला सह संयोजक श्री मनीष धानुका और अन्य प्रमुख सदस्यों श्री गिरधारीलाल अग्रवाल, श्री आदित्य तुल्शियान, सुभाष गोयनका के नेतृत्व में समन्वित प्रयास जारी रहे।
सेवाकार्य में समिति के अन्य अधिकारियों व सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रमुख नामों में आनंद दीवान, उमाशंकर जोशी, बानी पढ़दास, जयप्रकाश गुप्ता, चुन्नी लाल पटेल, दीपक जालान, दुरशी चंद अग्रवाल, महाबीर नारनोली, महेश पंचलंगिया, मोहित सुरेखा, प्रदीप गोयनका, महेश गोयनका, अन्नू मिश्रा, प्रवीण जालान, महेश काबरा, सुमित झुनझुनवाला, ताड़कनाथ गुप्ता, राजकुमार टिबरेवाल, रमेश गुप्ता, शैलेन्द्र कुमार गुप्ता, सुशील जोशी, दीपक अग्रवाल (दिल्ली), संजय अग्रवाल (पोस्ता), आदित्य दीवान, बिनोद अग्रवाल, संजय अग्रवाल (निम का थाना), विनय सोंथालिया आदिवासी प्रमुख शामिल रहे। सभी कार्यकर्ताओं का समर्पण काबिले-तारीफ रहा।
समिति ने यह भी उल्लेख किया कि कुछ दाताओं ने अपनी दान राशि एवं सामग्री गुप्त रूप से प्रदान की और अपना नाम उजागर नहीं करने की इच्छा जताई। समिति ने ऐसे उदार दाताओं को राजा दानवीर कर्ण के समान दानवीर बताया और कहा कि उनके बिना यह विशाल सेवा सम्भव नहीं थी। समिति परिवार ने इन सभी दाताओं, सहयोगियों एवं स्वयंसेवकों के प्रति कृतज्ञता जताई।
समिति ने आगे भी समाजसेवा के क्षेत्र में इसी प्रकार निरंतरता बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया तथा आगामी गतिविधियों के बारे में समय-समय पर सूचित करने का आश्वासन दिया।
