
बिरभूम । श्रावण मास के सोमवार को प्रशिद्ध मां तारा के दर्शन और भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए तारापीठ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी, वहीं इसी दौरान एक बहुमंजिला होटल में भीषण अग्निकांड से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अचानक लगी आग ने देखते ही देखते होटल के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक कम से कम छह लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि कई अन्य लोगों के झुलसने और गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आ रही है। हादसे के बाद तारापीठ का माहौल शोक और दहशत में बदल गया। जानकारी के अनुसार, श्रावण मास के अंतिम सोमवार के अवसर पर तारापीठ में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे थे। मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। इसी बीच होटल में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं और धुआं पूरे भवन में फैल गया। होटल में मौजूद लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही तारापीठ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां भी घटनास्थल पर भेजी गईं। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पुलिस तथा दमकलकर्मियों ने होटल के भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान चलाया। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस भीषण अग्निकांड में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों के शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पहचान के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है। वहीं, कई घायलों को भी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है। हादसे के बाद पूरे तारापीठ में शोक की लहर दौड़ गई। श्रावण के अंतिम सोमवार पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने और मां तारा के दर्शन के लिए दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के बीच भी घटना को लेकर भय और चिंता का माहौल बन गया। होटल के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारण का पता नहीं चल पाया है।प्रारंभिक स्तर पर पुलिस और दमकल विभाग की ओर से आग लगने के संभावित कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही होटल में अग्निशमन और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की भी जांच की जा रही है। आग की शुरुआत होटल के किस हिस्से से हुई और इतनी तेजी से पूरे हिस्से में कैसे फैली, इसका पता लगाने के लिए जांच जारी है।प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और घायलों की स्थिति के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के कारणों और होटल में सुरक्षा मानकों के पालन की विस्तृत जांच के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। श्रावण के पवित्र सोमवार को हुए इस दर्दनाक हादसे ने तारापीठ में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
