आसनसोल के दीपक साह को शौर्य चक्र, नक्सल मोर्चे पर अदम्य साहस के लिए मिला देश का गौरवपूर्ण सम्मान

आसनसोल। पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल के लाल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 209 कोबरा बटालियन के जवान दीपक साह ने अपनी वीरता और अदम्य साहस से पूरे जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। देश की आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दीपक साह को उनकी असाधारण वीरता के लिए 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के तीसरे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के बाद आसनसोल में उनके परिवार, परिचितों और स्थानीय लोगों के बीच गर्व एवं खुशी का माहौल है। दीपक साह मूल रूप से आसनसोल नगर निगम के 44 नंबर वार्ड के बाजार क्षेत्र के निवासी हैं और वर्तमान में नामोपाड़ा में रहते हैं। उनके पिता का नाम अशोक साह है। साधारण परिवार से निकलकर देश की सेवा के लिए सुरक्षा बल में शामिल हुए दीपक साह ने अपने कर्तव्य के दौरान जिस साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया, वह आज पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। दीपक साह ने अपने सेवाकाल की शुरुआत छत्तीसगढ़ में स्थित 204 कोबरा बटालियन से की थी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती के दौरान उन्हें कई कठिन एवं चुनौतीपूर्ण अभियानों में हिस्सा लेने का अवसर मिला। इस दौरान नक्सलियों के साथ कई बार सीधी मुठभेड़ में उन्होंने असाधारण साहस का परिचय दिया और अत्यंत जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटे। नक्सल विरोधी अभियानों में उनके साहस और समर्पण को देखते हुए उन्हें इससे पहले भी दो बार राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया जा चुका है। लगातार कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा के लिए कार्य करते हुए दीपक साह ने अपनी बहादुरी की एक अलग पहचान बनाई। अब शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने के साथ उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। शौर्य चक्र भारत सरकार द्वारा शांतिकाल में अदम्य साहस, असाधारण वीरता और कर्तव्य के प्रति सर्वोच्च समर्पण का परिचय देने वाले सैन्य एवं अर्द्धसैनिक कर्मियों को प्रदान किया जाने वाला महत्वपूर्ण वीरता सम्मान है। ऐसे में आसनसोल के एक जवान को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलना न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे पश्चिम बर्दवान जिले के लिए गौरव की बात है। दीपक साह की इस उपलब्धि की खबर सामने आने के बाद आसनसोल के विभिन्न क्षेत्रों में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की परवाह किए बिना कठिन परिस्थितियों में डटे रहने वाले जवान ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं। दीपक साह ने अपनी वीरता से यह साबित किया है कि आसनसोल की धरती ने हमेशा देश के लिए समर्पित और साहसी लोगों को जन्म दिया है। परिजनों एवं स्थानीय लोगों का कहना है कि दीपक साह की उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनके शौर्य, अनुशासन और देशसेवा की भावना से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। आसनसोल के इस सपूत ने अपनी बहादुरी से न केवल अपने परिवार का मान बढ़ाया है, बल्कि पश्चिम बर्दवान जिले और पूरे आसनसोल को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।

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