
दुर्गापुर। अंडे फेंके जाने की घटना को लेकर वर्धमान-दुर्गापुर के तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए लाइसेंसी पिस्तौल रखने की बात कही। सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। पत्रकार वार्ता में कीर्ति आजाद ने कहा कि विरोध जताने के लिए लोगों पर अंडे फेंकना उचित नहीं है। उन्होंने अपनी सुरक्षा का उल्लेख करते हुए कहा, “हम भी अपनी सुरक्षा के लिए पिस्तौल का लाइसेंस ले रहे हैं। हमें भी अपनी आत्मरक्षा का अधिकार है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंसी हथियार रखने का उद्देश्य किसी को धमकाना नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। तृणमूल सांसद ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से उन्हें डराया नहीं जा सकता। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन विरोध के नाम पर किसी व्यक्ति के साथ इस प्रकार का व्यवहार लोकतांत्रिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है।अपने क्रिकेट जीवन का उल्लेख करते हुए आजाद ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया है। देश के लिए खेलना उनके लिए गौरव और जिम्मेदारी का विषय रहा है। उन्होंने कहा कि देश के सम्मान और प्रतिष्ठा के लिए मैदान पर उतरने वाला व्यक्ति चुनौतियों से घबराने वाला नहीं होता। कीर्ति आजाद ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं और हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन विरोध के नाम पर अंडे फेंकने जैसी घटनाओं से राजनीतिक वातावरण खराब होता है। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसी घटनाओं के बावजूद वे अपने जनसंपर्क और राजनीतिक गतिविधियों से पीछे नहीं हटेंगे। सांसद के लाइसेंसी पिस्तौल रखने संबंधी बयान को हाल की अंडे फेंकने की घटना के संदर्भ में देखा जा रहा है। उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया की संभावना भी बढ़ गई है।
