शिक्षक नियुक्ति मामले में ममता के करीबी मंत्री पार्थ ईडी के हाथों गिरफ्तार, तृणमूल ने कहा राजनीतिक प्रतिहिंसा में फंसाया गया

 

कोलकाता । पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री और वर्तमान में ममता कैबिनेट में उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी को धन शोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार सुबह 7:30 बजे ईडी के अधिकारियों ने नाक ताला स्थित उनके घर पर छापेमारी की थी उसके बाद शनिवार सुबह 10:00 बजे तक सघन तलाशी अभियान चलता रहा। इस दौरान कई बार पार्थ चटर्जी से पूछताछ हुई। शुक्रवार को लगातार पूछताछ के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी जिसके बाद डॉक्टरों को बुलाना पड़ा था। इधर शनिवार सुबह 10:00 बजे के करीब 28 घंटे की तलाशी और पूछताछ के बाद ईडी अधिकारियों ने पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर लिया। दूसरी ओर शुक्रवार को ही शाम के समय चटर्जी के घर से उनकी बेहद करीबी रही अर्पिता मुखर्जी नाम की एक महिला का नाम और पता मिलने के बाद ईडी अधिकारियों ने वहां छापेमारी की। डालीगंज स्थित उसके फ्लैट से 20 करोड़ नगदी, शुक्रवार और शनिवार के दौरान चली तलाशी अभियान के दौरान 79 लाख के जेवर, 20 मोबाइल फोन और विदेशी मुद्रा बरामद हुई है। इसके अलावा उसके नाम सात से अधिक संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। उसे भी हिरासत में ले लिया गया है।

इसके अलावा पार्थ चटर्जी के पीए सुकांत आचार्य को भी न्यूबैरकपुर स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया है। आरोप है कि पार्थ चटर्जी ने गैरकानूनी तरीके से शिक्षक नियुक्ति के लिए नियुक्ति सलाहकार समिति गठित की जिन्होंने अवैध तरीके से रिक्त पद सृजित कर ऐसे लोगों को नौकरी दी जो या तो पास नहीं हुए या परीक्षा ही नहीं दिए।
शुक्रवार को ईडी ने चटर्जी और वर्तमान शिक्षा राज्य मंत्री परेश चंद्र अधिकारी के आवास सहित 14 जगहों पर छापेमारी की थी। खबर है कि अर्पिता के घर से जो नगदी बरामद हुए हैं वह शिक्षक नियुक्ति के लिए ली गई घूस की राशि है। इधर अर्पिता और पार्थ चटर्जी के साथ ममता बनर्जी का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह अर्पिता की सराहना करती नजर आ रही हैं। इसे लेकर भाजपा, माकपा सहित कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस पर हमलावर है।

हालांकि तृणमूल ने दावा किया है कि पार्थ चटर्जी को फंसाया गया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद शाम के समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के बुलावे पर तृणमूल के शीर्ष नेतृत्व की बैठक हुई जिसमें चंद्रिमा भट्टाचार्य, मंत्री फिरहाद हकीम, अरूप रॉय सहित अन्य शीर्ष नेता शामिल हुए। बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब कुणाल घोष ने कहा कि पार्थ चटर्जी अगर दोषी साबित होते हैं तो पार्टी उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करेगी। दूसरी और फिरहाद हकीम ने कहा कि पार्थ को फंसाया गया है। अगर वह भारतीय जनता पार्टी ( वाशिंग मशीन) में चले गए होते तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि सारदा मामले में शामिल रहे एक व्यक्ति आज खुलेआम घूम रहा है लेकिन केंद्रीय एजेंसियां उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
——
दो दिनों की ईडी हिरासत में पार्थ
– इधर गिरफ्तारी के बाद ईडी अधिकारियों ने जोका ईएसआई अस्पताल में ले जाकर पार्थ चटर्जी की चिकित्सकीय जांच कराई। उसके बाद उन्हें बैंकशाल कोर्ट में स्थित विशेष सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। वहां पार्थ चटर्जी के अधिवक्ता ने दावा किया कि वह मंत्री हैं और फरार नहीं होंगे उनकी गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए बल्कि तुरंत घर जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। लेकिन ईडी ने इसका विरोध किया। इसके बाद पार्थ चटर्जी ने तबीयत खराब होने की बात कही। इसका भी विरोध ईडी ने किया लेकिन कोर्ट ने उन्हें ईडी हिरासत में ही एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती करने का आदेश दिया है। फिलहाल वह अस्पताल में ले जाए गए हैं जहां वह डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *