
आसनसोल। पश्चिम बर्धमान जिले में लगातार हो रही बारिश और दामोदर नदी के बढ़ते जलस्तर ने जनजीवन पर असर डालना शुरू कर दिया है। शमडीही के निकट स्थित ईश्वरदा तथा केसरकुरी फेरी घाट पर बनाए गए दो अस्थायी बांस के पुल रविवार को दामोदर नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर पूरी तरह बह गए। पुलों के बह जाने से दोनों किनारों के बीच आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और रोजमर्रा के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही वर्षा के कारण दामोदर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था। जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी में तेज धारा उत्पन्न हो गई, जिसने कुछ ही समय में दोनों अस्थायी बांस के पुलों को अपनी चपेट में ले लिया। तेज बहाव के सामने पुल टिक नहीं सके और देखते ही देखते नदी में बह गए। घटना के बाद ईश्वरदा फेरी घाट से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में दामोदर नदी का उफनता स्वरूप स्पष्ट दिखाई दे रहा है। तेज धारा के बीच पुलों के बह जाने का दृश्य स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि ये अस्थायी पुल आसपास के गांवों के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन थे। इनके माध्यम से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग काम, व्यापार, शिक्षा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए नदी पार करते थे। पुल बह जाने के कारण अब लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ सकता है। दामोदर बिहारीनाथ सेतु बंधन समिति के महासचिव चंदन मिश्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दामोदर नदी के बढ़ते जलस्तर और अत्यधिक तेज बहाव के कारण ईश्वरदा तथा केसरकुरी फेरी घाट पर बनाए गए दोनों अस्थायी बांस के पुल पूरी तरह बह गए हैं। उन्होंने कहा कि नदी का जलस्तर अभी भी ऊंचा बना हुआ है, इसलिए फिलहाल नए पुल का निर्माण संभव नहीं है। जलस्तर सामान्य होने के बाद ही स्थिति का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं तथा तेज बहाव के दौरान नदी पार करने का प्रयास न करें। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की भी अपील की है। लगातार हो रही बारिश के कारण दामोदर नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। यदि वर्षा का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो निचले इलाकों में जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल प्रशासन नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है और आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
