
आसनसोल। पश्चिम बंगाल राज्य प्रतिवंदी समिति के आह्वान पर बुधवार को आसनसोल स्थित रवींद्र भवन के समक्ष बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दिव्यांगों ने राज्य सरकार से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार करने, मासिक भत्ता बढ़ाने, सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने तथा रोजगार के बेहतर अवसर सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के उपरांत संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी (डीएम) के माध्यम से राज्य सरकार को भेजा। प्रदर्शन में शामिल दिव्यांगजनों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। उनका कहना था कि समाज के मुख्यधारा के विकास में दिव्यांगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार को उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से उनकी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं, जिन पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति को प्रतिमाह 5,000 रुपये का मासिक भत्ता प्रदान करना शामिल था। उनका कहना था कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में मिलने वाली सहायता राशि उनकी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में सम्मानपूर्वक जीवनयापन के लिए मासिक भत्ते में वृद्धि आवश्यक है। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने सरकारी बसों में दिव्यांगों के लिए निःशुल्क यात्रा सुविधा लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि शिक्षा, उपचार, रोजगार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उन्हें नियमित रूप से यात्रा करनी पड़ती है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिवहन का खर्च वहन करना कठिन हो जाता है। ऐसे में निःशुल्क यात्रा सुविधा उनके लिए बड़ी राहत साबित होगी। दिव्यांगजनों ने राज्य सरकार से रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की भी मांग की। उनका कहना था कि शिक्षित और योग्य होने के बावजूद बड़ी संख्या में दिव्यांग युवक-युवतियां रोजगार से वंचित हैं। सरकारी और निजी क्षेत्रों में उनके लिए आरक्षण और रोजगार के अवसरों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें समान अधिकार, सम्मान तथा अवसर मिलना चाहिए। सरकार को उनकी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार करना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि दिव्यांगों से संबंधित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक सरल और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
धरना-प्रदर्शन समाप्त होने के बाद पश्चिम बंगाल राज्य प्रतिवंदी समिति के प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बर्दवान जिला शासक (डीएम) कार्यालय पहुंचकर अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार से दिव्यांगों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेगी और दिव्यांगजनों के जीवन स्तर में सुधार के लिए ठोस कदम उठाएगी।
