
दुर्गापुर। पश्चिम बर्दवान जिले के दुर्गापुर स्थित सिटी सेंटर नगर निगम मोड़ पर स्थापित ‘बिश्व बांग्ला’ का लोगो सोमवार को प्रशासन की निगरानी में हटा दिया गया। दोपहर के समय क्रेन की सहायता से लोगो हटाने की पूरी प्रक्रिया संपन्न की गई। इस कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित विभाग के कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। लोगो हटाए जाने के बाद शहर में इसे लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और राजनीतिक हलकों में भी इस कार्रवाई को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि राज्य में नई सरकार के गठन के बाद सरकारी परिसरों, सार्वजनिक स्थलों और सरकारी परियोजनाओं से जुड़े प्रतीकों एवं पहचान चिह्नों को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। ऐसे में दुर्गापुर के प्रमुख चौराहे से ‘बिश्व बांग्ला’ का लोगो हटाया जाना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस संबंध में भाजपा के जिला प्रवक्ता सुमंत मंडल ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में ‘बिश्व बांग्ला’ के नाम पर कई स्थानों से राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ को हटाकर उसकी जगह यह लोगो लगाया गया था। उनका दावा है कि वर्तमान सरकार मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा बहाल करने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में नगर निगम मोड़ से ‘बिश्व बांग्ला’ का लोगो हटाया गया है और भविष्य में भी आवश्यकतानुसार इस प्रकार की कार्रवाई जारी रह सकती है। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता परिवर्तन के बाद सरकारी परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर लगे प्रतीकों में बदलाव नई सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताओं और राजनीतिक दृष्टिकोण को भी दर्शाता है। उनके अनुसार, नई सरकार अपनी नीतियों और पहचान के अनुरूप सार्वजनिक स्थलों पर बदलाव करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि लोगो हटाने के पीछे आधिकारिक कारण क्या है और भविष्य में उक्त स्थान पर किस प्रकार का प्रतीक या संरचना स्थापित की जाएगी। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी समाचार लिखे जाने तक इस कार्रवाई पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। फिलहाल, नगर निगम मोड़ से ‘बिश्व बांग्ला’ का लोगो हटाए जाने की घटना शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस स्थान पर क्या नया स्थापित किया जाएगा और सरकार की आगे की योजना क्या होगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
