ममता राज में दुर्गा पूजा की पवित्रता से समझौता हुआ, केवल “उत्सव” बनाकर पेश किया गया–शमीक भट्टाचार्य

कोलकाता, 16 जुलाई । पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शमीक भट्टाचार्य ने गुरुवार को आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान दुर्गा पूजा की धार्मिक पवित्रता और आध्यात्मिक स्वरूप को कमजोर कर इसे केवल एक उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया गया।

उत्तर कोलकाता में आयोजित एक खूंटी पूजा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि हाल के वर्षों में इस अवसर को “दुर्गा पूजा” कहने के बजाय केवल “उत्सव” बताया जाने लगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा पूजा-पर्व है, इसलिए इसकी पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा की सबसे बड़ी पहचान मां दुर्गा की प्रतिमा और उससे जुड़ी धार्मिक भावना है। केवल आकर्षक थीम या भव्य पंडाल पर्याप्त नहीं हैं। यदि पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा ही न हो, तो चाहे सजावट कितनी भी भव्य क्यों न हो, लोग वहां नहीं आएंगे। उनके अनुसार दुर्गा पूजा सबसे पहले पूजा है और इसकी धार्मिक गरिमा सर्वोपरि रहनी चाहिए।

हालांकि भट्टाचार्य ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस टिप्पणी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें वह अक्सर कहती रही हैं कि धार्मिक आस्था व्यक्तिगत विषय है, जबकि त्योहार और उसकी खुशियां सभी के लिए होती हैं।

अपने संबोधन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य के सीमावर्ती इलाकों में जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के कुछ जिले बांग्लादेश जैसे दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह बांग्लादेश में दुर्गा प्रतिमाओं के साथ तोड़फोड़ की घटनाएं होती हैं, उसी तरह राज्य में भी धार्मिक परंपराओं पर प्रतिबंध लगाने जैसी स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को दीप जलाने की अनुमति दी जाती है, लेकिन शंख बजाने से रोका जाता है और अंतिम यात्रा में “हरि मंत्र” का उच्चारण करने पर भी आपत्ति जताई जाती है।

भट्टाचार्य ने विश्वास जताया कि इस वर्ष पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पूरे राज्य में शांतिपूर्ण माहौल में और सभी धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *