
रानीगंज/ रानीगंज की पहचान उसके अंतर्गत आने वाली उत्कृष्ट गुणवत्ता वाली कोयला खदानों के कारण संपूर्ण विश्व में रही है। लेकिन जब से रानीगंज में भव्य श्री श्याम मंदिर की स्थापना हुई है, तब से इसकी ख्याति देश ही नहीं बल्कि विश्वभर में फैल गई है।
आज रानीगंज का नव-निर्मित श्री श्याम मंदिर वर्ष भर धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां बाबा श्याम के साथ-साथ हनुमान जी, मां दुर्गा, गणपति बाबा एवं आदिदेव महादेव की पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित होते रहते हैं।
केवल दो वर्षों में ही रानीगंज का श्री श्याम मंदिर अपनी अद्भुत भक्ति भावना एवं आध्यात्मिक वातावरण के कारण एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने में सफल हुआ है। वर्ष भर हजारों श्रद्धालु यहां जागृत श्री श्याम बाबा के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस करते हैं। प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु देश के विभिन्न भागों से प्रभु श्याम के दर्शन हेतु यहां पहुंचते हैं। मंदिर परिसर के बाहर सदैव मेले जैसा वातावरण बना रहता है।
श्याम मंदिर के ट्रस्टी पवन केजरीवाल ने बतलाया कि श्री श्याम मंदिर समिति, “श्री श्याम बाल मंडल चैरिटेबल ट्रस्ट” के माध्यम से समाज सेवा के अनेक कार्य भी कर रही है। समय-समय पर ट्रस्ट के कार्यकर्ता जरूरतमंद एवं पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए भोजन, शर्बत एवं शीतल जल की व्यवस्था करते रहते हैं। ट्रस्टी विनोद बंसल ने कहा कि प्रतिभाशाली एवं मेधावी छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करने के लिए ट्रस्ट उन्हें सम्मानित भी करता है। इसके अतिरिक्त जरूरतमंद कन्याओं के विवाह में सहयोग करने हेतु भी ट्रस्ट कृतसंकल्प है।
ट्रस्टी विमल सराफ ने बताया कि पिछले 25 वर्षों से सैकड़ों कार्यकर्ताओं के अथक प्रयास, समर्पण एवं परिश्रम से इस भव्य एवं सुंदर श्री श्याम मंदिर का निर्माण संभव हो पाया है। इस लंबे सफर में कार्यकर्ताओं को अनेक उतार-चढ़ावों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और अटूट संकल्प ने इस स्वप्न को साकार कर दिखाया। देशभर के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भी महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग प्रदान कर इस निर्माण कार्य को ऊर्जा देने का कार्य किया है। उन सभी श्रद्धालुओं को मैं हृदय से नमन करता हूं।
पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन रानीगंज शाखा के संस्थापक अनूप सराफ ने बतलाया कि श्री श्याम मंदिर के प्रत्येक कार्यकर्ता को प्रणाम करता हूं, विशेष रूप से श्रद्धेय विष्णु सराफ, पवन केजरीवाल, बिमल सराफ एवं युवा बिनोद बंसल के योगदान को सादर नमन करता हूं, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति एवं समर्पण से इस विशाल कार्य को मूर्त रूप प्रदान किया। प्रतिदिन विभिन्न स्थानों से बसों द्वारा एवं पदयात्रा द्वारा श्याम भक्त इस मंदिर में पहुंच रहे हैं जिनका स्वागत श्याम प्रेमी राहुल केजरीवाल, संदीप शर्मा, साबरमल सिंघानिया, आदित्य केजरीवाल, शरद जगनानी, एवं अन्य कई युवा सदस्य करते आ रहे हैं।
