
फर्जी चालान और ओवरलोडिंग का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच
दुर्गापुर। दुर्गापुर के पानागढ़ में सोमवार सुबह कथित अवैध बालू तस्करी को लेकर उस समय हड़कंप मच गया, जब भाजपा के कार्यकर्ताओं ने सेना छावनी के गेट नंबर-1 के सामने बालू से लदे ट्रकों और डंपरों को रोककर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाजपा का आरोप है कि दामोदर नदी से नियमों की अनदेखी करते हुए बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन किया जा रहा है और फर्जी दस्तावेजों के सहारे उसकी तस्करी की जा रही है। जानकारी के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ताओं को पहले से सूचना मिली थी कि बालू से लदे कई वाहन पानागढ़ मार्ग से गुजरने वाले हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सुबह से ही सेना छावनी के गेट नंबर-1 और गेट नंबर-5 के समीप एकत्र हो गए। जैसे ही बालू से लदे ट्रक और डंपर वहां पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोककर चालकों से परिवहन संबंधी दस्तावेज और चालान की जांच शुरू कर दी। भाजपा नेताओं का आरोप है कि कई वाहनों के चालान में बालू की आपूर्ति का गंतव्य कोलकाता दर्शाया गया था, जबकि वाहन बुदबुद की दिशा में जा रहे थे। इसके अलावा वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक बालू लादे जाने का भी आरोप लगाया गया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि मानसून अवधि के दौरान बालू खनन पर प्रतिबंध लागू रहता है, इसके बावजूद वाहनों से पानी टपकता देख उन्हें संदेह हुआ कि रात के अंधेरे में दामोदर नदी से ताजा बालू निकालकर उसकी ढुलाई की जा रही थी।
भाजपा ने आरोप लगाया कि यह पूरा कारोबार लंबे समय से संगठित तरीके से चलाया जा रहा है और प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कथित अवैध बालू खनन और तस्करी में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए पानागढ़ सेना छावनी के आसपास तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही बुदबुद थाना पुलिस की बड़ी टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने प्राथमिक कार्रवाई करते हुए एक बालू कारोबारी को हिरासत में ले लिया, जबकि 10 से अधिक बालू लदे ट्रकों और डंपरों को जब्त कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी वाहनों के दस्तावेज, परिवहन चालान तथा बालू की वैधता की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और कथित अवैध बालू खनन एवं तस्करी के मामले में प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।
