
कुल्टी : रविवार देर शाम आल बेंगल प्राइवेट नर्सिंग होम्स एंड हॉस्पिटल ऊनर्स एसोसिएशन के बैनर तले रविवार देर शाम कुल्टी क्लब में आयोजित एक व्यापक बैठक में पश्चिम बर्धमान जिले में एसोसिएशन का औपचारिक संगठन बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक का नेतृत्व राज्य सदस्य श्री हॉस्पिटल के काली प्रसाद मुखर्जी व आशीर्वाद नर्सिंग होम के एमडी फ़िरोज़ अंसारी ने संयुक्त रूप से किया।
बैठक में जिले के विभिन्न निजी अस्पतालों व नर्सिंग होमों के मालिकों और प्रबंधकों की भारी उपस्थिति रही। मौके पर श्री हॉस्पिटल के बबलू सिंह, लोकनाथ हॉस्पिटल के सैम सिंघो, आस्था हॉस्पिटल के कुंदन कुमार शाव, श्री हॉस्पिटल के सुजीत माजी, श्री हॉस्पिटल के सुमित कुमार मुखर्जी, हेल्थ केयर से डॉ. एमएन रज़ा, नोबो जीबों नर्सिंग होम से मंजीत कांजीलाल, एस एच से अरूप माजी, पांडेश्वर से लालच सिन्हा व आसनसोल वेस्ट एन्ड से हरबिनल सिंह सहित कई अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सभा में उपस्थित सदस्यों ने अपने-अपने अस्पतालों की सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया और जिला स्तर पर संगठित होने के तरीकों पर अपने सुझाव रखे। श्री हॉस्पिटल के ओनर सुमित कुमार बेनर्जी ने कहा कि कुछ माह पूर्व शंकरपुर में राज्य स्तरीय एक बैठक हुई थी, जिसमें पश्चिम बर्धमान में संगठन को सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई थी। उन्होने बताया कि उसी संदर्भ में आज की बैठक बुलायी गयी है और आगामी बैठकों में संगठन को पूर्ण रूप से स्थापित करने की तैयारी तेज की जाएगी।
आशीर्वाद नर्सिंग होम के एमडी फ़िरोज़ अंसारी ने बताया कि हाल ही में दीघा में आयोजित बैठक में पश्चिम बर्धमान से 11 प्रतिनिधि पहुंचे थे और उन्हें राज्य स्तर के प्रतिनिधित्व में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य में 23 जिलों में जिला स्तरीय संगठन पहले से कार्यरत हैं तथा इस बार पश्चिम बर्धमान में भी ऐसा ही सशक्त संगठन स्थापित करने की जिम्मेदारी इन्हें सौंपी गयी है। फ़िरोज़ अंसारी ने उम्मीद जतायी कि अगले बैठक में राज्य अध्यक्ष डॉ. मलय पीठ की मौजूदगी में पश्चिम बर्धमान एसोसिएशन को औपचारिक रूप दिया जाएगा।
बैठक में उठाये गये प्रमुख मुद्दों में सदस्यता विस्तार, अस्पतालों के मानक और सुरक्षा प्रोटोकॉल, सरकारी नीतियों से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रूप से आवाज उठाने और स्थानीय मामलों में संगठनात्मक प्रतिनिधित्व शामिल थे। सदस्यों ने सहमति जतायी कि क्षेत्रीय हितों की रक्षा हेतु नियमित बैठकें और एक समन्वित कार्ययोजना बनाई जाएगी।
