
दुर्गापुर। जर्मनी के सुहल में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर विश्व शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में स्वर्ण पदक जीतकर देश, पश्चिम बंगाल और आसनसोल का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले युवा निशानेबाज अभिनव शॉ के स्वदेश लौटने पर रविवार को दुर्गापुर एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट परिसर में अभिनव की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, समर्थक, स्थानीय नागरिक और शुभचिंतक एकत्र हुए। फूल-मालाओं, मिठाइयों और जोरदार तालियों के साथ उनका अभिनंदन किया गया। पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। जर्मनी में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अभिनव शॉ ने अपनी जोड़ीदार शंभावी क्षीरसागर के साथ 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। दोनों खिलाड़ियों ने क्वालीफिकेशन राउंड में 634.6 अंक हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया। इसके बाद फाइनल मुकाबले में 505.8 अंक अर्जित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ दोनों खिलाड़ियों ने नया जूनियर विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित किया, जिससे भारत को विश्व शूटिंग जगत में एक नई पहचान मिली।
अभिनव शॉ की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री इंद्रनील खान ने उन्हें फ़ोन पर बधाई दी। उन्होंने कहा, “हम सभी को तुम पर गर्व है। सुरक्षित घर लौटो, हम तुमसे मिलने का इंतजार कर रहे हैं। तुमने पश्चिम बंगाल और पूरे देश का नाम विश्व मंच पर गौरवान्वित किया है।” मंत्री ने अभिनव के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वह आने वाले वर्षों में भी देश के लिए इसी तरह सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे।
दुर्गापुर एयरपोर्ट पर अभिनव शॉ ने अपने स्वागत से अभिभूत होकर सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, प्रशिक्षकों, सहयोगी खिलाड़ियों और भारतीय शूटिंग टीम को दिया। उन्होंने कहा कि यह स्वर्ण पदक केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे देश और पश्चिम बंगाल के लिए सम्मान का विषय है। अभिनव शॉ की इस उपलब्धि ने न केवल भारतीय शूटिंग जगत को गौरवान्वित किया है, बल्कि पश्चिम बंगाल के खेल इतिहास में भी एक नया अध्याय जोड़ दिया है। उनकी मेहनत, अनुशासन, एकाग्रता और लक्ष्य के प्रति समर्पण आज देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। जानकारों का मानना है कि अभिनव शॉ का यह प्रदर्शन आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों, विशेषकर एशियाई खेलों, विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक की तैयारियों के लिए भी भारतीय शूटिंग टीम का मनोबल बढ़ाएगा। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रतिभा के साथ निरंतर परिश्रम और दृढ़ संकल्प जुड़ जाए, तो विश्व मंच पर भी भारत का तिरंगा बुलंद किया जा सकता है। अभिनव शॉ का यह स्वर्ण पदक केवल एक जीत नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा, भारतीय खेल जगत के लिए गर्व का क्षण और देश के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बन गया है।
