
रानीगंज। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री बनने के बाद कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. अजय पोद्दार ने रविवार को पहली बार रानीगंज स्थित प्रसिद्ध श्री श्याम मंदिर पहुंचकर बाबा श्याम के चरणों में शीश नवाया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी सरोज पोद्दार भी उनके साथ मौजूद रहीं। दंपति ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर बाबा श्याम का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा पश्चिम बंगाल की सुख-शांति, समृद्धि और सर्वांगीण विकास की कामना की। मंत्री अजय पोद्दार के श्याम मंदिर पहुंचने पर श्री श्याम बाल मंडल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से उनका भव्य एवं पारंपरिक स्वागत किया गया। ट्रस्ट के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ एवं उत्तरीय भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी मंडल-1 के अध्यक्ष शमशेर सिंह, दिनेश सोनी, मनोज ओझा सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता, ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में मंत्री अजय पोद्दार के सम्मान में एक स्वागत समारोह का भी आयोजन किया गया। समारोह के दौरान रानीगंज की विभिन्न मंदिर समितियों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मंत्री और उनकी पत्नी का अभिनंदन करते हुए उन्हें स्मृति-चिह्न, पुष्पगुच्छ और उत्तरीय भेंट कर सम्मानित किया। पूरे मंदिर परिसर में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। पूजा-अर्चना के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री अजय पोद्दार ने कहा कि मंत्री बनने के बाद बाबा श्याम के दरबार में यह उनका पहला आगमन है। उन्होंने कहा कि विधायक रहते हुए भी वे समय-समय पर श्याम मंदिर आते रहे हैं, लेकिन मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद सबसे पहले बाबा का आशीर्वाद लेना उनका सौभाग्य है। उन्होंने कहा, “मैंने बाबा श्याम से प्रार्थना की है कि पूरे पश्चिम बंगाल में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। राज्य निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े, सभी वर्गों के लोगों का कल्याण हो और हर परिवार खुशहाल एवं सुरक्षित जीवन व्यतीत करे।”मंत्री के आगमन को लेकर मंदिर परिसर में सुबह से ही विशेष उत्साह का माहौल रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी बाबा श्याम के दर्शन किए और मंत्री अजय पोद्दार का स्वागत किया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। स्थानीय लोगों ने मंत्री के इस धार्मिक दौरे को जनआस्था एवं सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए उनका स्वागत किया।
