
सिलीगुड़ी, 27 जून । उच्च माध्यमिक परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद से ही छात्रों और अभिभावकों के मन में उच्च शिक्षा और भविष्य के करियर को लेकर चिंता बढ़ गई है। किस विषय में पढ़ाई करने से भविष्य बेहतर होगा, कौन-सा विश्वविद्यालय चुना जाए—ऐसे कई सवालों के जवाब देने के लिए सिलीगुड़ी में एक दिवसीय ‘प्री-काउंसलिंग एंड एजुकेशन फेयर-2026’ का आयोजन किया गया।शनिवार को सिलीगुड़ी के कोर्टयार्ड बाय मैरियट होटल में आयोजित इस शिक्षा मेले का आयोजन पश्चिम बंगाल व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थानों का संघ (एपीएआई, डब्ल्यूबी) की ओर से किया गया।
इस मेले में देशभर के 50 से अधिक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शिक्षा संस्थानों ने भाग लिया। यहां छात्रों को विभिन्न कोर्स, एडमिशन प्रक्रिया, स्कॉलरशिप और प्लेसमेंट से जुड़ी विस्तृत जानकारी एक ही जगह पर प्राप्त करने का अवसर मिला। कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षाविद मौजूद रहे।
मंत्री शंकर घोष ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए अन्य राज्यों या विदेश जाने की आवश्यकता न पड़े। राज्य में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। फेयर में मौजूद विशेषज्ञों ने छात्रों को उनकी रुचि, योग्यता और भविष्य की योजना के आधार पर उचित कोर्स चुनने के लिए मार्गदर्शन दिया। साथ ही, विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत के जरिए अभिभावकों और छात्रों ने एडमिशन से जुड़ी कई जटिलताओं का समाधान भी किया।
शिक्षाविदों का मानना है कि इस तरह के आयोजन छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।
