
जामुड़िया। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के तत्वावधान में श्रीपुर व सातग्राम एरिया के निमडागा परियोजना स्थित सातग्राम इंक्लाइन परिसर में ईसीएल के श्रमिकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण गेट मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं, कार्यस्थल पर बुनियादी सुविधाओं के विकास, सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बड़ी संख्या में ईसीएल के श्रमिकों एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं संगठन के समक्ष रखीं। श्रमिकों ने सुरक्षा उपकरणों की समुचित उपलब्धता, चिकित्सा सुविधाओं में सुधार, आवास संबंधी समस्याओं के समाधान, कार्यस्थलों पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा अन्य लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित एवं बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना प्रबंधन की जिम्मेदारी है, जिससे श्रमिक बिना किसी परेशानी के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। सभा को संबोधित करते हुए बीएमएस नेता जयनाथ चौबे ने कहा कि ईसीएल के श्रमिक कोयला उत्पादन की रीढ़ हैं और उनके हितों की रक्षा करना संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है तथा संगठन प्रबंधन के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनके समाधान का हरसंभव प्रयास करेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी श्रमिक के साथ अन्याय या भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी कर्मचारियों को उनके वैधानिक अधिकार दिलाने के लिए भारतीय मजदूर संघ निरंतर संघर्ष करता रहेगा। वहीं भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष बिनोद सिंह ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण किसी भी औद्योगिक संस्थान की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ श्रमिकों को बेहतर कार्य वातावरण, पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा तथा उनके शीघ्र समाधान के लिए संगठन हर स्तर पर पहल करेगा। वही बैठक के अंत में संगठन की ओर से सभी श्रमिकों से एकजुट रहने तथा अपनी समस्याओं को संगठन के माध्यम से संगठित रूप से उठाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और संगठित प्रयासों से ही उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है। बैठक में श्रमिकों की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक सुझावों के कारण कार्यक्रम सफल एवं सार्थक रहा। इस मौके पर रामसाही साहू, महेंद्र गुप्ता, श्रीकांत दत्ता, कृष्णानंदन केवट, अरविंद कुमार, संजय सिंह, बृजमोहन पासवान, दीप बनर्जी, भीम महतो, रोशन चटर्जी के अलावा संगठन के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
