लोहे के फरिश्ते: तारातला फैक्ट्री ढहने पर पूर्व रेलवे ने मलबे में फंसे लोगों को बचाने में दिखाई बहादुरी

कोलकाता, 26 जून 2026 — तारातला स्थित एक फैक्ट्री भवन के ढहने की दुर्घटना में मलबे के नीचे फंसे लोगों की जान बचाने के लिए पूर्व रेलवे ने त्वरित और समन्वित बचाव अभियान चलाते हुए मानवता और सेवा का ज्वलंत उदाहरण पेश किया। महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में हावड़ा मंडल, सियालदह मंडल तथा लिलुआ कारखाना की बचाव व राहत टीमें 26 जून की सायं 5:00 बजे से मलबे के बीच राहत कार्यों में सक्रिय हैं।


राज्य सरकार की सहायता अपील पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व रेलवे ने घटनास्थल पर अपने श्रेष्ठ संसाधन भेजे। भारतीय सेना और एनडीआरएफ की दूसरी बटालियन के साथ मिलकर काम कर रही 70 सदस्यीय रेलवे टीम ने समय और विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए बचाव कार्य जारी रखा। टीम के पास 10 ऑक्सी-कटर सेट, 6 एब्रेसिव कटर और 3 प्लाज्मा कटिंग यूनिट सहित अत्याधुनिक उपकरण हैं, जिनसे मुड़े-तुड़े इस्पात और भारी मलबे को काटकर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयत्न किया जा रहा है।


रात के समय कटिंग मशीनों की तेज आवाज़ों के बीच चलाया जा रहा यह अभियान केवल तकनीकी प्रयास नहीं बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और सेवा भावना का प्रतीक बन गया है। पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा, “इस दुखद घड़ी में पूर्व रेलवे मलबे के नीचे फँसे प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को बचाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हमारी साहसी टीमें चौबीसों घंटे अथक परिश्रम कर रही हैं और शुद्ध मानवीय भावना से प्रेरित होकर प्रभावित परिवारों के जीवन में आशा और राहत लौटाने का हर संभव प्रयास कर रही हैं।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *