
कोलकाता, 18 जून । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने इस बार अपने विशेष ‘आयुष आहार’ मेनू में पश्चिम बंगाल की लोकप्रिय झालमुड़ी को शामिल किया है। इसके साथ ज्वार-बाजरे के बिस्कुट, नारियल पानी, केला और गुड़-मूंगफली की चिक्की जैसे पारंपरिक भारतीय खाद्य पदार्थ भी परोसे जाएंगे। मंत्रालय का उद्देश्य स्वास्थ्यवर्धक, स्थानीय और आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्यकर भोजन का मतलब केवल विदेशी फल या महंगे ‘सुपरफूड’ नहीं होते। स्थानीय खाद्य पदार्थों में भी पर्याप्त पोषण और संतुलित आहार के गुण मौजूद हैं। आयुष मंत्रालय का यह कदम इसी संदेश को सामने लाने की कोशिश माना जा रहा है। मंत्रालय योग दिवस को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित न रखकर भारतीय खाद्य संस्कृति के स्वस्थ और व्यावहारिक पहलुओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करना चाहता है।
झालमुड़ी लंबे समय से बंगाल के जनजीवन और खानपान का अभिन्न हिस्सा रही है। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी चर्चाओं में इसे पहले अधिक महत्व नहीं मिलता था। लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान झाड़ग्राम में चुनाव प्रचार के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में झालमुड़ी का पैकेट दिखाई देने के बाद यह व्यंजन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। इसके बाद विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भी झालमुड़ी की उपस्थिति बढ़ी है।
सूत्रों के अनुसार, 20 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के दौरे पर आ रहे हैं और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान उन्हें भी ‘आयुष आहार’ के तहत झालमुड़ी सहित यह विशेष खाद्य संयोजन परोसा जा सकता है।
आयुष मंत्रालय का मानना है कि सीमित मात्रा में मुरमुरे से तैयार झालमुड़ी में कैलोरी और वसा की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। वहीं गुड़-मूंगफली की चिक्की से प्रोटीन और स्वास्थ्यवर्धक वसा प्राप्त होती है। केला शरीर को पोटैशियम प्रदान करता है, जबकि नारियल पानी शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायक होता है। योगाभ्यास के बाद शरीर को हल्का, ऊर्जावान और सक्रिय बनाए रखने के लिए इस देशी खाद्य संयोजन को उपयुक्त माना जा रहा है।
बंगाल में मुरमुरा, मूंगफली और गुड़ आधारित खाद्य पदार्थ लंबे समय से दैनिक भोजन का हिस्सा रहे हैं। अब यही पारंपरिक खाद्य पदार्थ योग दिवस के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पहचान प्राप्त कर रहे हैं।
