सनातन धर्म में शिक्षा, संस्कार और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें — स्वामी विशोकानंद भारती ।

कोलकाता । निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती महाराज ने सत्संग भवन में श्रद्धालु भक्तों को भाव – विभोर करते हुए सनातन हिन्दू धर्म, संस्कृति के प्रति जागरूक रह कर बच्चों, युवा वर्ग को संस्कारित करने की प्रेरणा दी । स्वामी विशोकानंद भारती महाराज पोद्दार सेवा ट्रस्ट द्वारा सनातनी योद्धा सम्मान में सम्मानित अतिथि के रूप में कोलकाता पधारे हैं । सत्संग भवन में अपने आशीर्वचन में उन्होंने कहा सनातन धर्म में साधना – उपासना और ज्ञान के लिये शिक्षा, संस्कार और सुरक्षा आवश्यक है । सतयुग, द्वापर, त्रेता युग में धर्म की प्रतिष्ठा और भक्तों की रक्षा के लिये भगवान ने अवतार लिया । सनातन हिन्दू धर्म में 24 अवतार की मान्यता है । देवी काली की बंगभूमि में सनातन धर्म की प्रतिष्ठा के लिये रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, ऋषि अरविन्द, बंकिम चंद्र चटर्जी, राजा राममोहन राय एवं भारत के स्वाधीनता संग्राम में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, रविन्द्र नाथ टैगोर एवं मनीषियों का योगदान रहा । डॉ. अशोक पोद्दार द्वारा सनातनी योद्धा सम्मान का आयोजन प्रेरक है । स्वामी ब्रह्मस्वरूपानंद, विट्ठल दास ओझा, अशोक तिवारी, राजू शर्मा, शिव प्रकाश ओझा, अभय पांडेय, आकाश ओझा एवं श्रद्धालु भक्त उपस्थित थे ।

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