
वेतन वृद्धि, सुरक्षा व्यवस्था और साप्ताहिक अवकाश की मांग को लेकर फैक्ट्री गेट पर घंटों चला विरोध प्रदर्शन
जामुड़िया। जामुड़िया के इकरा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब गिरीधन फैक्ट्री के ठेका श्रमिक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन पर उतर आए। श्रमिकों ने फैक्ट्री के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय के लिए फैक्ट्री का उत्पादन कार्य भी प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारी श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही है। श्रमिकों के अनुसार, जहां उन्हें प्रतिदिन 783 रुपये मजदूरी मिलनी चाहिए, वहीं वर्तमान में उन्हें मात्र 335 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जा रहा है। इसे लेकर श्रमिकों में लंबे समय से असंतोष व्याप्त था। वेतन वृद्धि की मांग के साथ-साथ श्रमिकों ने कार्यस्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि फैक्ट्री में काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जाता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इसके अलावा श्रमिकों ने महीने में कम से कम चार दिन साप्ताहिक अवकाश देने की मांग भी रखी। सोमवार सुबह फैक्ट्री के सभी ठेका श्रमिक एकत्रित होकर मुख्य गेट के सामने धरना और नारेबाजी करने लगे। आंदोलन के कारण कुछ समय के लिए फैक्ट्री परिसर में कामकाज बाधित रहा। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने कहा कि वे लंबे समय से कम मजदूरी में काम करने को मजबूर हैं और कई बार प्रबंधन तथा ठेकेदार पक्ष को समस्या से अवगत कराने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। श्रमिकों ने स्पष्ट कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्तमान महंगाई के दौर में इतनी कम मजदूरी में परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। वहीं दूसरी ओर फैक्ट्री प्रबंधन ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंपनी की ओर से सभी आवश्यक नियमों का पालन किया जाता है। प्रबंधन का कहना है कि संबंधित श्रमिक ठेकेदार संस्था के माध्यम से नियुक्त किए गए हैं, इसलिए मजदूरी से जुड़े मामलों की विस्तृत जांच की जाएगी। फैक्ट्री अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि ठेकेदार संस्था के साथ चर्चा कर श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। प्रबंधन की ओर से आश्वासन मिलने के बाद श्रमिकों ने फिलहाल अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो भविष्य में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
