पश्चिम बंगाल कैबिनेट के बड़े फैसले : मदरसा विकास फंड और धार्मिक भत्तों पर रोक, महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने सोमवार को आयोजित अपनी दूसरी कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण और व्यापक प्रभाव वाले फैसले लिए। राज्य सरकार के इन निर्णयों को प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। बैठक के बाद राज्य की शिशु एवं महिला कल्याण तथा शहरी विकास मंत्री ने पत्रकारों को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।

मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि राज्य सरकार ने धर्म के आधार पर दिए जाने वाले सभी प्रकार के सरकारी भत्तों और विशेष अनुदानों को बंद करने का निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के मौलाना, इमाम, पुरोहित तथा अन्य धार्मिक व्यक्तियों को दिए जाने वाले मासिक भत्ते मई महीने तक प्रदान किए जाएंगे, जिसके बाद इन्हें पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि भविष्य में किसी भी धर्म विशेष के आधार पर सरकारी फंड या आर्थिक सहायता नहीं दी जाएगी। कैबिनेट बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अल्पसंख्यक मामलों के विभाग के अंतर्गत मदरसों के विकास और आधुनिकीकरण के लिए जो सरकारी फंड आवंटित किए जाते थे, उन्हें भी बंद कर दिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य की नई नीति धर्मनिरपेक्ष प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है, जिसमें किसी भी धार्मिक संस्था या समूह को विशेष आर्थिक लाभ नहीं दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार ने महिलाओं के हित में एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आगामी एक जून से पश्चिम बंगाल की सभी सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके तहत महिलाएं राज्य के किसी भी हिस्से में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगी।

सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं की आर्थिक बचत होगी तथा रोजगार, शिक्षा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन अधिक सुगम बनेगा। इसके अलावा राज्य सरकार ने “अन्नपूर्णा भंडार” योजना को भी जून महीने से पुनः शुरू करने का फैसला लिया है। मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि जिन महिलाओं को पहले “लक्ष्मी भंडार” योजना का लाभ मिल रहा था, उन्हें स्वतः “अन्नपूर्णा भंडार” योजना का लाभ भी प्रदान किया जाएगा। जिन लाभार्थियों का नाम अभी इस योजना में शामिल नहीं है, उनके लिए सरकार जल्द ही एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू करेगी, जिसके माध्यम से पात्र महिलाएं आवेदन कर सकेंगी। सरकार के इन फैसलों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। एक ओर भाजपा सरकार इन निर्णयों को समानता और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्षी दल इसे राजनीतिक एजेंडा करार दे रहे हैं। हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि उसकी प्राथमिकता जनहित और सभी नागरिकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *