
कोलकाता, 10 मई । पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद अग्निमित्रा पॉल के मंत्री बनने से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। परिवार के सदस्य उन्हें प्यार से ‘पुपाई’ कहकर बुलाते हैं।
अग्निमित्रा का परिवार मूल रूप से राजनीति से दूर रहा है। उनका जन्म आसनसोल में हुआ, जबकि उनका पुश्तैनी घर दुर्गापुर के गोपालमाठ इलाके में है। यहीं उनके चाचा मनोरणजन राय और चाची स्वप्ना राय रहते हैं।
अग्निमित्रा के पिता अशोक राय इस्को कारखाने के अस्पताल में डॉक्टर रहे हैं, जबकि उनकी मां अपर्णा राय गृहिणी हैं। दो बहनों में अग्निमित्रा बड़ी हैं और उनकी छोटी बहन लंदन में रहती हैं। पढ़ाई उन्होंने आसनसोल के लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल से की और बाद में जादवपुर विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर किया। इसके बाद उन्होंने फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की।
राजनीति में आने से पहले अग्निमित्रा फैशन डिजाइनर के रूप में भी जानी जाती थीं। उन्होंने कई फिल्मों और कलाकारों के लिए पोशाक डिजाइन की। वर्ष 2019 में उन्होंने राजनीति में कदम रखते हुए भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं।
वर्ष 2021 में उन्हें पार्टी ने आसनसोल दक्षिण से उम्मीदवार बनाया और उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार सायनी घोष को हराकर जीत दर्ज की। इसके बाद पार्टी नेतृत्व की नजरों में उनका महत्व बढ़ता गया। हाल के चुनाव में भी उन्होंने तृणमूल के उम्मीदवार तापस बनर्जी को हराकर सीट बरकरार रखी।
परिवार के लोगों ने बताया कि मंत्री बनने की खबर से घर में खुशी का माहौल है। उनकी चाची स्वप्ना राय, जिन्हें अग्निमित्रा और उनकी बहन ‘दूसरी मां’ कहकर बुलाती हैं, ने कहा कि परिवार के लिए यह बहुत गर्व की बात है।
परिवार के अनुसार, मंत्री बनने के बाद अग्निमित्रा जल्द ही दुर्गापुर आएंगी और घर के दुर्गा मंदिर में पूजा भी करेंगी।
