
कोलकाता, 6 मई 2026: यात्रियों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने और रेल उपयोगकर्ताओं के साथ संबंधों को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से सियालदह मंडल के वाणिज्यिक विभाग ने आज अपने फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए एक व्यापक सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि रेलवे संचालन में सॉफ्ट स्किल्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिकारियों ने कहा कि फ्रंटलाइन कर्मियों का व्यवहार ही भारतीय रेल की छवि प्रस्तुत करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवहार को बेहतर बनाना, प्रभावी संवाद को बढ़ावा देना तथा यात्रियों के प्रति अधिक संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण रवैया विकसित करना था।

प्रशिक्षण सत्र में कर्मचारियों को यात्रियों की विभिन्न आवश्यकताओं को समझने और उन्हें व्यवस्थित ढंग से संभालने के लिए डॉस एंड डोन्ट्स के रूप में मार्गदर्शन दिया गया। इसमें सक्रिय श्रवण, शिष्टाचार, स्पष्ट संवाद और त्वरित समाधान जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर दिया गया।
सत्र में सॉफ्ट स्किल्स के सात प्रमुख बिंदुओं — संचार, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, समय प्रबंधन, रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच, अनुकूलनशीलता और टीम वर्क — पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में कर्मचारियों को यह सलाह दी गई कि वे यात्रियों की शिकायतों और प्रश्नों को धैर्यपूर्वक सुनें, विनम्र भाषा का प्रयोग करें और विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं तथा दिव्यांग यात्रियों के प्रति सहयोगात्मक रवैया अपनाएं। साथ ही, ट्रेन समय, टिकटिंग और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित जानकारी स्पष्ट और सटीक रूप से देने पर बल दिया गया।

वहीं, कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे किसी भी स्थिति में यात्रियों से टकराव से बचें, भ्रामक या अपुष्ट जानकारी न दें और सहायता काउंटरों पर आने वाले किसी भी यात्री को अनदेखा न करें।
मंडल अधिकारियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण का सार्वजनिक व्यवहार पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि संचार की खाई को पाटकर वाणिज्यिक विभाग यात्रियों के हर अनुभव को अधिक सहज और सुखद बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
