
आसनसोल। आसनसोल के ओके रोड पर हुए भीषण सड़क हादसे ने अब राजनीतिक स्वरूप धारण कर लिया है। प्रारंभ में केवल दुर्घटना के रूप में देखी जा रही यह घटना अब विभिन्न राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप के कारण चर्चा और विवाद का विषय बनती जा रही है। इसी क्रम में आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र से एआईएमआईएम के प्रत्याशी दानिश अज़ीज़ ने पीड़ित मोहम्मद शाहनवाज़ के निवास पर पहुंचकर उनका हालचाल जाना और परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस दौरान दानिश अज़ीज़ ने बताया कि वे पार्टी प्रमुख बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के निर्देश पर यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम पीड़ित परिवार के साथ हैं और न्याय सुनिश्चित होने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी।” घटना की गंभीरता को रेखांकित करते हुए दानिश अज़ीज़ ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से यह स्पष्ट किया जाए कि यह केवल एक दुर्घटना थी या इसके पीछे किसी प्रकार की पूर्व-नियोजित साजिश शामिल है। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मौके पर एआईएमआईएम के कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। इनमें मोहम्मद एजाज अहमद, अधिवक्ता मेराज अख्तर, हाजी अरशद खान, शाहिद मंसूर, शोहरत आलम, आतिफ मलिक और इरफान उम्मीद प्रमुख रूप से शामिल थे। सभी ने एक स्वर में पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।उल्लेखनीय है कि इस हादसे के बाद से ही विभिन्न राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। एक ओर प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दल लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं देकर इस मुद्दे को प्रमुखता दे रहे हैं। इससे यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों में भी घटना को लेकर चिंता और आक्रोश व्याप्त है। लोग यह जानना चाहते हैं कि इस हादसे के पीछे वास्तविक कारण क्या है—क्या यह केवल लापरवाही का परिणाम है या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी हुई है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं, जिससे सच्चाई सामने आ सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
