आसनसोल में ओवैसी का तीखा प्रहार: ममता सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, ED कार्रवाई पर बोले—जनता करेगी फैसला

अवैध नशा कारोबार, मुस्लिम समुदाय के शोषण और चुनावी बाधाओं को लेकर AIMIM प्रमुख ने उठाए सवाल

आसनसोल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक चुनावी सभा के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने संबोधन और सभा के उपरांत बातचीत में कई गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सामाजिक हालात पर प्रश्नचिह्न खड़े किए। सभा समाप्त होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा I-PAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल पर की गई कार्रवाई के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर ओवैसी ने कहा कि उन्हें इस मामले की विशेष जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह कौन हैं, हमें नहीं मालूम। इस बार हर मुद्दे पर अंतिम फैसला जनता ही करेगी।”
ममता सरकार पर सीधा हमला, मुस्लिम समुदाय के शोषण का आरोप
अपने भाषण के दौरान ओवैसी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बीते 15 वर्षों में राज्य के मुस्लिम समुदाय के साथ अन्याय और उपेक्षा हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल वादे किए, लेकिन जमीनी स्तर पर समुदाय के विकास के लिए ठोस कार्य नहीं किए गए।
युवाओं को नशे की ओर धकेलने का आरोप
ओवैसी ने आसनसोल क्षेत्र में बढ़ते नशा कारोबार को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में नशा तस्कर खुलेआम सक्रिय हैं और प्रशासन इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल रहा है। उनके अनुसार, इससे बड़ी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं, जो उनके भविष्य के लिए गंभीर खतरा है।
चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने के आरोप
AIMIM प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि उनके चुनाव एजेंट एजाज अहमद पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हमला किया गया। इसके साथ ही सभा के आयोजन में भी बाधा उत्पन्न की गई। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम से जुड़े टेंट और साउंड सिस्टम के कर्मचारियों को कथित रूप से धमकाया गया, जिसके चलते उन्हें निर्धारित व्यवस्था के बजाय खुले आसमान के नीचे सभा आयोजित करनी पड़ी।
राजनीतिक माहौल गरमाया
ओवैसी के इन आरोपों के बाद क्षेत्र का राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है। जहां AIMIM ने इन मुद्दों को चुनावी एजेंडा बनाने के संकेत दिए हैं, वहीं अन्य दलों की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आगामी चुनावों को देखते हुए आसनसोल उत्तर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सभी दल मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। ऐसे में ओवैसी का यह बयान चुनावी समीकरणों पर कितना असर डालेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

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