
रानीगंज। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही रानीगंज क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और दलों के बीच समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। सोमवार को एनएसबी रोड स्थित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब इन दलों से जुड़े करीब 300 युवाओं ने तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा कर दी। यह कार्यक्रम रानीगंज के राजबाड़ी के समीप एक निजी होटल में आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व तृणमूल कांग्रेस के रानीगंज विधानसभा प्रत्याशी कालो बरण मंडल और जिला युवा अध्यक्ष पार्थो देवासी ने किया। कार्यक्रम के दौरान कालो बरण मंडल ने नवागंतुक युवाओं को पार्टी का झंडा थमाकर औपचारिक रूप से उनका स्वागत किया। इस मौके पर शहर तृणमूल कांग्रेस के उपाध्यक्ष वापी चक्रवर्ती सहित कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शामिल हुए युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जिला युवा अध्यक्ष पार्थो देवासी ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य में विकास की नई धारा बह रही है, जिसका प्रभाव हर वर्ग पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘युवा साथी’ जैसी योजनाएं युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बना रही हैं,उन्होंने आगे कहा कि रानीगंज विधानसभा क्षेत्र में पार्टी ने कालो बरण मंडल जैसे जुझारू और कर्मठ नेता को उम्मीदवार बनाकर युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया है। लगभग 300 युवाओं का एक साथ पार्टी में शामिल होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं की इस भागीदारी से आगामी चुनाव में पार्टी की स्थिति और अधिक मजबूत होगी। वहीं, रानीगंज से तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी कालो बरण मंडल ने अपने संबोधन में कहा कि जनता का समर्थन और युवाओं का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे क्षेत्र के समग्र विकास, रोजगार सृजन और जनसमस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। नवागत युवाओं ने भी एक स्वर में कहा कि वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व को मजबूत करने और रानीगंज के विकास को गति देने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह के दल बदल न केवल विपक्षी दलों के लिए बड़ा झटका है, बल्कि रानीगंज विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस की पकड़ को और अधिक सुदृढ़ करने का संकेत भी देता है।
