
– राजस्थान मंत्रालयिक कर्मचारी परिषद का 10वां प्रांतीय अधिवेशन, मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
जयपुर(आकाश शर्मा)। आदर्श विद्या मंदिर, राजापार्क में रविवार को आयोजित राजस्थान मंत्रालयिक कर्मचारी परिषद के 10वें प्रांतीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि विधायक गोपाल शर्मा ने कर्मचारियों की मांगों के समाधान के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि संवाद और समन्वय से समस्याओं का समाधान संभव है तथा मंत्रालयिक कर्मचारी शासन-प्रशासन की रीढ़ हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि कर्मचारियों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाकर विधानसभा में भी उठाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कर्मचारियों से भी पारदर्शी, जवाबदेह कार्यप्रणाली के साथ आमजन के कार्यों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
*संस्कार, सेवा और अनुशासन ही संगठन की मजबूती : कैलाश चंद्र*
अधिवेशन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं प्रौढ़ कार्य प्रमुख कैलाश चंद्र का भी मार्गदशन मिला। उन्होंने संगठन के वैचारिक अधिष्ठान पर प्रकाश डालते हुए संस्कार, सेवा, समर्पण और अनुशासन को संगठन की मजबूती का आधार बताया।
संवाद और समन्वय से समाधान संभव : कैलाश
मुख्य वक्ता भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री कैलाश शर्मा ने कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए समाधान के लिए सरकार एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय और संवाद को आवश्यक बताया। उन्होंने एकजुटता को कर्मचारियों की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि अधिकारों की रक्षा सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
ये हैं प्रमुख मांगें
परिषद के प्रदेशाध्यक्ष अरविंद सिंह राव ने बताया कि अधिवेशन में प्रदेशभर से आए बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने मंत्रालयिक संवर्ग में पदोन्नति, वेतन विसंगतियों का निराकरण, ग्रेड पे/पे-लेवल में सुधार, संविदा/अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण, पेंशन एवं अन्य लाभों में सुधार, स्थानांतरण एवं पदस्थापन में पारदर्शिता जैसी मांगों के समाधान के लिए सरकार से अपेक्षा जताई गई।
लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी
प्रदेश महामंत्री कमलेश शर्मा ने बताया कि परिषद की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि लंबित मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। कार्यक्रम को संरक्षक अनुप सक्सेना, महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मेघवान सिंह, महामंत्री राकेश शर्मा एवं महेंद्र कुमार तीर्थानी ने भी संबोधित किया।

इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं भारत माता पूजन के साथ हुआ। परिषद के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष स्वर्गीय रणजीत सिंह कच्छावा को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। अधिवेशन के दौरान “देश के हित करेंगे काम, काम के लेंगे पूरे दाम”, “बीएमएस जिंदाबाद, कर्मचारी एकता जिंदाबाद” तथा “त्याग, तपस्या और बलिदान, यही बीएमएस की पहचान” जैसे नारों से सभागार गुंजायमान रहा।
