
कोलकाता, 07 अप्रैल। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत मतुआ और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों के नाम मतदाता सूचियों से जानबूझकर हटाए गए हैं।
नदिया जिले के चकदा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस उन सभी लोगों के साथ खड़ी रहेगी, जिनके नाम इस अभियान के बाद सूची से बाहर हो गए।”
ममता ने दावा किया कि मतुआ, राजबंशी और अल्पसंख्यक वर्गों को निशाना बनाया गया। उन्होंने बताया कि उनकी पहल पर सुप्रीम कोर्ट में मामला उठा, जिससे विचाराधीन 60 लाख में से करीब 32 लाख नाम बहाल हो गए।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, SIR के बाद राज्य में कुल 91 लाख मतदाताओं के नाम कटे हैं।
उल्लेखनीय है कि 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।
