
जनता उन्नयन पार्टी के साथ गठबंधन के सहारे अल्पसंख्यक मतों पर नजर, भाजपा और तृणमूल के सामने नई चुनौती
आसनसोल। पश्चिम बर्धमान जिले की महत्वपूर्ण आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट पर चुनावी समीकरण उस समय बदलते नजर आए जब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने दानिश अजीज को अपना प्रत्याशी घोषित किया। दानिश अजीज क्षेत्र में अपने आंदोलनों और मुखर शैली के कारण पहले से ही चर्चित रहे हैं तथा एक विरोधी तेवर वाले सक्रिय नेता के रूप में उनकी पहचान बनी हुई है। एआईएमआईएम ने इस चुनाव में पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर की जनता उन्नयन पार्टी के साथ गठबंधन किया है। इस रणनीतिक गठबंधन का मुख्य उद्देश्य अल्पसंख्यक मतदाताओं को एकजुट कर चुनावी मैदान में प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराना है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस गठबंधन के चलते आसनसोल उत्तर सीट पर मुकाबला और अधिक रोचक तथा जटिल हो गया है।
उल्लेखनीय है कि इस सीट पर अब त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बन गई है, जहां एआईएमआईएम के दानिश अजीज भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी कृष्णादु मुखर्जी तथा तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार मलय घटक को सीधी चुनौती देंगे। तीनों दलों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा की संभावना व्यक्त की जा रही है, जिससे चुनावी परिणाम को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र में अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है, जिसके कारण यह सीट राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में एआईएमआईएम की सक्रियता और उसका गठबंधन इस वोट बैंक पर किस हद तक प्रभाव डालता है, यह चुनाव का प्रमुख निर्णायक कारक साबित हो सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दानिश अजीज की उम्मीदवारी से न केवल चुनावी समीकरण बदले हैं, बल्कि पारंपरिक वोटों के बंटवारे की भी संभावना बढ़ गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि एआईएमआईएम अपने प्रभाव को कितनी मजबूती से स्थापित कर पाती है और इसका सीधा असर अन्य दलों के प्रदर्शन पर कितना पड़ता है।
