
कोलकाता, 03 अप्रैल । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भवानीपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उनके साथ मौजूद रहे।
नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे के अनुसार, 2021 के मुकाबले उनकी कुल संपत्ति में लगभग 19.65 लाख रुपये की कमी आई है। हालांकि, उनकी अचल संपत्ति में वृद्धि हुई है, लेकिन चल संपत्ति में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इस बार उनके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।
हलफनामे के अनुसार, वर्तमान में शुभेंदु अधिकारी के पास 12 हजार नकद हैं। उनकी चल संपत्ति 24 लाख 57 हजार 600 रुपये और अचल संपत्ति 61 लाख 30 हजार रुपये है। इस तरह उनकी कुल संपत्ति 85 लाख 87 हजार 600 रुपये बताई गई है।
यदि, 2021 के हलफनामे से तुलना करें तो उस समय उनके पास पांच हजार नकद थे। उनकी चल संपत्ति 59 लाख 31 हजार 647 रुपये और अचल संपत्ति 46 लाख 21 हजार 102 रुपये थी। इस प्रकार पिछले पांच वर्षों में उनकी चल संपत्ति में 34 लाख 74 हजार 47 रुपये की कमी आई है, जबकि अचल संपत्ति में 15 लाख 8 हजार 898 रुपये की वृद्धि हुई है।
कानूनी मामलों की बात करें तो, 2021 के हलफनामे में उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं था। लेकिन 2026 के हलफनामे में उनके खिलाफ 29 आपराधिक मामलों का उल्लेख किया गया है। ये मामले राज्य के विभिन्न थानों में दर्ज हैं, जिनमें गड़बेता, खड़गपुर, चांचल, मोहनपुर, खड़दह, लालगढ़, सांकराइल, जामबनी और झाड़ग्राम के साथ कोलकाता के बौबाजार, बेलियाघाटा और हेयर स्ट्रीट थाने शामिल हैं।
हलफनामे में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन मामलों में अभी तक किसी में भी आरोप तय नहीं हुए हैं।
शैक्षणिक योग्यता के अनुसार शुभेंदु अधिकारी ने 2011 में रवींद्र भारती विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है।
उल्लेखनीय है कि, 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पराजित किया था। इस बार भाजपा ने उन्हें नंदीग्राम के साथ भवानीपुर से भी उम्मीदवार बनाया है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
