
आसनसोल। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पश्चिम बर्धमान जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में कांग्रेस ने जिले की सभी 9 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने इस बार अपने वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं पर भरोसा जताते हुए मजबूत चुनावी रणनीति अपनाई है। कांग्रेस ने जिले के शीर्ष नेता एवं जिला अध्यक्ष देवेश चक्रवर्ती को दुर्गापुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है। वहीं, आसनसोल उत्तर सीट से पार्टी के चर्चित चेहरा और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) सदस्य प्रसेंजीत पुइतुंडी को मैदान में उतारा गया है। दुर्गापुर पश्चिम से तरुण राय को टिकट दिया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य विधानसभा क्षेत्रों के लिए भी कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। पांडवेश्वर से उत्तम कुमार राय, रानीगंज से फैयाज अहमद, जामुड़िया से तरुण कुमार गांगुली, आसनसोल दक्षिण से सौविक मुखोपाध्याय, कुल्टी से रवि यादव तथा बाराबनी से जयदेव राय को उम्मीदवार बनाया गया है। गौरतलब है कि सोमवार को पहले चरण के चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। अधिसूचना जारी होने से ठीक एक दिन पूर्व कांग्रेस द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा किए जाने को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे पार्टी को प्रचार-प्रसार के लिए पर्याप्त समय मिल सके। वहीं, पश्चिम बर्धमान जिले की सभी 9 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस पहले ही अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है, जिससे चुनावी प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है। दूसरी ओर, प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अब तक 6 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं, जबकि बाराबनी सीट पर अभी उम्मीदवार की घोषणा शेष है। उल्लेखनीय है कि राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस ने अब तक 284 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अधीर चौधरी को भी इस बार चुनावी मैदान में उतारा गया है, जिससे कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करते हुए चुनाव में प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रही है। समग्र रूप से देखा जाए तो पश्चिम बर्धमान जिले में सभी प्रमुख दलों द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही चुनावी मुकाबला अत्यंत रोचक और त्रिकोणीय होता नजर आ रहा है। आगामी दिनों में नामांकन और प्रचार अभियान के साथ राजनीतिक गतिविधियां और अधिक तेज होने की संभावना है।
