
रानीगंज। दामोदर नदी से हो रहे अवैध बालू खनन पर तत्काल रोक लगाने, इलाके में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों को बंद करने तथा आगामी विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न कराने की मांग को लेकर सीपीआई(एम) की रानीगंज एरिया कमेटी ने सोमवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार शाम पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हाथों मे झंडों के साथ रानीगंज के विभिन्न इलाकों से रैली निकालते हुए विरोध मार्च किया। यह रैली बल्लभपुर पुलिस फांड़ी तक पहुंची, जहां सीपीआई(एम) नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सात सूत्री मांगों के समर्थन में पुलिस अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा।इस दौरान पार्टी नेता सुप्रियो राय, हेमंत प्रभाकर, मलय मंडल और शाश्वती मित्रा सहित अन्य नेताओं ने कहा कि राज्य में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन वामपंथी कार्यकर्ताओं पर धारा 107 लगाकर उनके लोकतांत्रिक आंदोलनों को दबाने की कोशिश कर रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस से जुड़े असामाजिक तत्व खुलेआम इलाके में सक्रिय हैं।सीपीआई(एम) नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिस की धमकियों और प्रशासनिक दबाव से वामपंथी आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने मांग की कि इलाके में सक्रिय सभी समाजविरोधी तत्वों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए और कानून व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए। नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। बल्लभपुर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब और जुए का कारोबार तेजी से बढ़ता जा रहा है, जिससे सामाजिक वातावरण खराब हो रहा है और आम लोगों में भय का माहौल बन रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बल्लभपुर, एगरा और दामोदर नदी के तटीय क्षेत्रों में खुलेआम अवैध बालू खनन किया जा रहा है।सीपीआई(एम) नेताओं का आरोप है कि इस अवैध कारोबार में तृणमूल से जुड़े कुछ लोग बेरोजगार और गरीब परिवारों के युवाओं को शामिल कर उन्हें अपराध की राह पर धकेल रहे हैं, जबकि पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में मूकदर्शक बना हुआ है। वही नेताओं ने कहा कि अवैध बालू खनन के कारण दामोदर नदी का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे इलाके में भविष्य में जल संकट की गंभीर स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों में भी भारी नाराजगी देखी जा रही है। वही प्रदर्शन के अंत में सीपीआई(एम) नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि दामोदर नदी से हो रहे अवैध बालू खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए, इलाके में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा आगामी विधानसभा चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
