
कोलकाता, 03 मार्च । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा के राजनीतिक करियर में एक अहम मोड़ आया है। दोल के दिन, मंगलवार को भाजपा ने कई राज्यों में राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम घोषित किए, जिसमें पश्चिम बंगाल की एकमात्र सीट से राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया है। आगामी 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव होना है। मंगलवार को भाजपा ने कुल छह राज्यों की नौ राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए।
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपने चार उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी। टीएमसी की ओर से राज्यसभा जाने वालों में बाबुल सुप्रियो, पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, टॉलीवुड अभिनेत्री कोयल मलिक और वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी शामिल हैं। वहीं, भाजपा ने बंगाल से केवल एक ही उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।

राहुल सिन्हा को पश्चिम बंगाल भाजपा के सबसे पुराने और समर्पित नेताओं में गिना जाता है। 1980 के दशक में महज 17 वर्ष की उम्र में उन्होंने राजनीति में कदम रखा था। वर्ष 2009 से 2015 तक उन्होंने लगातार छह वर्षों तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई।
2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने उत्तर 24 परगना जिले की हाबरा सीट से ज्योतिप्रिय मलिक के खिलाफ चुनाव लड़ा था, हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद से उनके पास कोई स्थायी संगठनात्मक पद नहीं था। अब पार्टी ने उन्हें एक बार फिर दिल्ली की राजनीति में अहम भूमिका निभाने का अवसर दिया है।
आगामी 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव में निर्विरोध जीत के साथ राहुल सिन्हा के उच्च सदन में पहुंचने की पूरी संभावना है, जिससे बंगाल भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुभवी चेहरा मिलने जा रहा है।
