
आसनसोल, 11 फ़रवरी । केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम कोड के विरोध में जहां देश की दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आम हड़ताल का आह्वान किया है, वहीं तृणमूल कांग्रेस का श्रमिक संगठन (आईएनटीटीयूसी) ने इस हड़ताल से दूरी बना ली है। संगठन ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी प्रकार की हड़ताल का समर्थन नहीं करता।
बुधवार को बर्नपुर के टनल गेट के सामने आईएनटीटीयूसी की ओर से एक सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में संगठन के सदस्य उपस्थित रहे। सभा को संबोधित करते हुए आईएनटीटीयूसी नेता उत्पल सेन ने कहा कि मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के निर्देश के अनुसार संगठन हड़ताल की राजनीति में विश्वास नहीं करता।
उत्पल सेन ने स्पष्ट किया कि आईएनटीटीयूसी भी चार श्रम कोड के कई प्रावधानों का विरोध करती है, लेकिन हड़ताल को समाधान का सही रास्ता नहीं मानती। उनका कहना था कि हड़ताल से आम जनता, छोटे व्यापारियों और दैनिक मजदूरों को परेशानी होती है। इसलिए संगठन आम लोगों से अपील करता है कि वे हड़ताल में हिस्सा न लें और सामान्य जनजीवन बनाए रखें।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी कर्मचारी या श्रमिक को जबरन हड़ताल में शामिल होने के लिए मजबूर न किया जाए। यदि ऐसी कोई शिकायत सामने आती है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए आईएनटीटीयूसी का यह रुख महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां केंद्र सरकार के श्रम कानूनों को लेकर असहमति जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य में उद्योग और कामकाज को प्रभावित न करने का संदेश भी दिया जा रहा है।
