
कोलकाता, 1 फरवरी, 2026: सीएस (डॉ.) एडवोकेट ममता बिनानी, (प्रेसिडेंट, एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम, पश्चिम बंगाल) ने कहा, बजट 2026 में 10,000 करोड़ रुपये के डेडिकेटेड एमएसएमई ग्रोथ फंड की घोषणा, अर्थव्यवस्था के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर भारत के माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। यह दूरदर्शी पहल न केवल एमएसएमई को इनोवेशन, मॉडर्नाइजेशन और स्केल करने के लिए जरूरी पूंजी प्रदान करेगी, बल्कि रणनीतिक रूप से इस सेक्टर को ग्लोबल ट्रेड में होने वाली रुकावटों से भी बचाएगी।
ऐसे समय में जब एमएसएमई क्षेत्र, लिक्विडिटी की चुनौतियों, देरी से पेमेंट और कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं, यह फंड बेहतर प्रतिस्पर्धा, ग्लोबल बाजारों तक बेहतर पहुंच और वैल्यू चेन में गहरे इंटीग्रेशन के लिए एक उत्प्रेरक का काम करेगा। बजट में बेहतर क्रेडिट एक्सेस और स्ट्रक्चरल सपोर्ट उपायों के साथ, यह कदम भारत के औद्योगिक विकास, रोज़गार सृजन और निर्यात क्षमता की रीढ़ एमएसएमई की पूरी क्षमता को सामने लाने के लिए सरकार की स्थायी प्रतिबद्धता को दिखाता है। हम केंद्र सरकार की इस इस दूरदर्शी कदम का स्वागत करते हैं, जो समावेशी विकास को बढ़ावा देगा, इस सेक्टर को और भी ज्यादा मजबूत करेगा और वास्तव में यह बजट आत्मनिर्भर एमएसएमई इकोसिस्टम को बनाने में कारगर पहल साबित होगा।

ममता बिनानी पश्चिम बंगाल एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम की अध्यक्ष हैं। सुश्री बिन्नानी ने कॉरपोरेट गवर्नेंस और सीएसआर 2016 में उत्कृष्टता के लिए आईसीएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार, वर्ष 2016 के लिए निदेशक संस्थान के गोल्डन पीकॉक पुरस्कार, वर्ष 2016 के लिए सराहनीय सीएसआर गतिविधि के लिए एसोचैम पुरस्कार के जूरी सदस्य के रूप में कार्य किया है। कोलकाता नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन की उपाध्यक्ष, मर्चेंट चैंबर ऑफ कॉमर्स-लीगल अफेयर्स काउंसिल के अध्यक्ष और इंसोल इंडिया के कार्यकारी समिति की सदस्य भी हैं। वह इंटरनेशनल वूमेंस इंसोलवेंसी एंड रिस्ट्रक्टरिंग कॉन्फेडरेशन (आईएआईआरसी) बोर्ड की सदस्य भी हैं और वर्तमान में इंडिया नेटवर्क की सह-अध्यक्ष हैं।
सुश्री बिन्नानी देश के कुछ प्रतिष्ठित बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक भी हैं, जिनमे सेंचुरी प्लाई, बलरामपुर चीनी मिल्स, इमामी लिमिटेड जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हैं। सुश्री बिनानी का मानना है कि, केंद्र सरकार एक इंजन है और वह उस तंत्र के एक सदस्य के रूप में हैं। इस लिहाज से यह उनकी ज़िम्मेदारी है कि वे सरकार के प्रयासों को जन-जन से लेकर समाज के हर वर्गों तक पहुंचाए।
