सिंगूर सभा: ममता का केंद्र पर प्रहार,एसआईआर को ठहराया ‘सर्वनाश’ का कारण।

हुगली, 28 जनवरी । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को हुगली जिले के सिंगूर में आयोजित जनसभा से केंद्र सरकार पर एक के बाद एक कई आरोप लगाए। उन्होंने मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की साजिश करार देते हुए कहा कि वह किसी भी सूरत में बंगाल के लोगों को डिटेंशन कैंप में नहीं जाने देंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “एसआईआर के नाम पर एनआरसी लागू करने की साजिश चल रही है। मैं प्रधानमंत्री से पूछती हूं कि आपकी पत्नी का टाइटल क्या है? बंगाल की बेटियां शादी के बाद ससुराल जाती हैं, उनका सरनेम बदल जाता है, तो क्या उन्हें एसआईआर में बुलाया जाएगा?”

उन्होंने कहा “मुझे जेल में डालो, गोली मारो, आई डोंट केयर। अगर मुझे जेल में डाला गया, तो माताएं-बहनें जवाब देंगी, किसान जवाब देंगे।”

ममता बनर्जी ने केंद्र को चेतावनी देते हुए कहा कि “पाप बाप को भी नहीं छोड़ता। एसआईआर का मतलब है सर्वनाश। मुझे मारोगे तो प्रत्याघात होगा। मैं कालबैशाखी बन जाती हूं, टॉर्नेडो बन जाती हूं।” सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘सर’ और ‘आतंक’ शीर्षक से दो कविताएं भी पढ़ीं।

केंद्र सरकार पर भरोसा न करने की चेतावनी

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से केंद्र सरकार के वादों को लेकर सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा, ” लोग आपके बैंक अकाउंट में पैसे भेजने की बात कर रहे हैं। प्राइवेट कंपनी के लोग बैठे हैं। भूलकर भी हाथ मत लगाना, फंसा देंगे। बिहार में चुनाव से पहले 10 हजार रुपये देने का वादा किया गया था, क्या दिया?”

घाटाल मास्टर प्लान का वर्चुअल उद्घाटन

सिंगूर की सभा से ही मुख्यमंत्री ने 1,500 करोड़ रुपये की लागत वाले घाटाल मास्टर प्लान का वर्चुअल उद्घाटन किया। इसके साथ ही बंगला बाड़ी योजना के तहत 20 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में घर निर्माण के लिए राशि भेजी गई।

ममता बनर्जी ने दावा किया कि आज कुल मिलाकर एक हजार से अधिक सेवाओं का उद्घाटन हुआ है, जिसके लिए 33,551 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। दिल्ली एक पैसा नहीं देती। घाटाल मास्टर प्लान के लिए एक हजार करोड़ रुपये हमने अपने पैसे से दिए हैं।

सिंगूर में औद्योगिक विकास का ऐलान

मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन के उद्देश्य से सिंगूर में आठ एकड़ भूमि पर इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि भूमि पर कोई उद्योग नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम भीख नहीं मांगेंगे। राज्य के पैसे से विकास होगा।”

टाटा परियोजना के वापस जाने के बाद सिंगूर में औद्योगिकीकरण की उम्मीदों का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “मैंने यहां 26 दिन अनशन किया था। तुमने क्या किया, एक ईंट भी नहीं रखी।”किसानों और आशा कार्यकर्ताओं के लिए घोषणाएं

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि आशा और आईसीडीएस कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन खरीदने के लिए 10 हजार रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा किसानों को भी 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। फसल बीमा योजना के तहत किसानों को चार हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई है। साथ ही 290 शरणार्थी कॉलोनियों को मान्यता प्रदान की गई है।

बंगाली भाषा और संस्कृति की रक्षा का संकल्प

सभा में मौजूद सांसद रचना बनर्जी ने कहा कि अब बंगाली भाषा और संस्कृति की रक्षा के लिए संघर्ष शुरू हो गया है। उन्होंने कहा, “हम दुर्गा पूजा, ईद, छठ और क्रिसमस मनाते हैं। यह जगह नहीं छोड़ेंगे। आने वाले तीन महीने बहुत महत्वपूर्ण हैं।” वहीं अभिनेता-सांसद देब ने कहा कि घाटाल मास्टर प्लान की फाइल वर्षों तक विभिन्न विभागों में घूमती रही, लेकिन किसी ने काम नहीं किया। उन्होंने कहा, “जो दल 15 साल से लोगों का ख्याल रख रहा है, उसे ही जीतना चाहिए।”

भाजपा के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान

अपने संबोधन के अंत में ममता बनर्जी ने कहा,” आज या कल दिल्ली जाना ही है। सभी अपना नाम दर्ज कराएं। खेल के लिए तैयार हैं। सब मिलकर बोलो ‘भाजपा हटाओ’ । हमारे अधिकार बचाने होंगे। नागरिकों के अधिकार छीनने नहीं देंगे। एसआईआर यानी सर्वनाश। जय हिंद, वंदे मातरम, जय बांग्ला।”

 

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