
रानीगंज। रानीगंज के सियारशोल राज मैदान में आयोजित सात दिवसीय रानीगंज पुस्तक मेला में आज तीसरे दिन भी शाम होते ही लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है। मेला शुरू होते ही शहरवासियों में उत्साह नजर आ रहा है और लोग परिवार के साथ मेला का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। इस वर्ष पुस्तक मेला में कुल 100 स्लॉट में 48 पुस्तक स्टॉल लगाए गए हैं। हालांकि मेले का मुख्य आकर्षण पुस्तकें हैं, लेकिन जय केदार खान-पान के स्टॉल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कारण भी मेला खासा लोकप्रिय हो रहा है। पुस्तकों के साथ-साथ मनोरंजन और खान-पान का संगम लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। मेले में रानीगंज के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दीवेंदु दास अपने परिवार के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा कि जीवन में उन्होंने हमेशा पुस्तकों के अध्ययन पर विश्वास रखा है। यही कारण है कि आज भी व्यस्ततम जीवन में पुस्तक पढ़ना उन्हें पसंद है। जब भी अवसर मिलता है, वे पुस्तकों के माध्यम से अपने अध्ययन को आगे बढ़ाते हैं। मेले की एक बड़ी विशेषता बच्चों के लिए पुस्तकों का व्यापक संग्रह है। अरविंद सिंघानिया के अनुसार वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बच्चों को पुस्तकों की ओर आकर्षित करना है, और यह प्रयास इस मेले में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। वहीं अधिवक्ता जसरमन कौर ने कहा कि वास्तविक जीवन में पुस्तकों का महत्व बहुत बड़ा है। भले ही आज गूगल और डिजिटल माध्यम उपलब्ध हों, लेकिन जो गहराई और ज्ञान पुस्तकों के अध्ययन से मिलता है, वह कहीं और नहीं। अध्ययन के बाद समयानुकूल ज्ञान को व्यवहार में लाने की क्षमता भी पुस्तकों के अभ्यास से ही विकसित होती है। कुल मिलाकर रानीगंज पुस्तक मेला न केवल पुस्तकों का केंद्र बना है, बल्कि यह ज्ञान, संस्कृति और मनोरंजन का भी एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।
