कोलकाता में स्वामी विवेकानंद मिलन मेला संपन्न, राज्यपाल बोस ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया

संस्कार भारती की सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम को मिली विशेष पहचान

कोलकाता, 13 जनवरी । कोलकाता में विवेकानंद पाठचक्र के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय स्वामी विवेकानंद मिलन मेला मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। समापन समारोह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी. वी. आनंद बोस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने मेले में आयोजित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

राज्यपाल डॉ. आनंद बोस ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और चिंतन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत को पूरे विश्व में गौरव के साथ प्रतिष्ठित किया। उन्होंने कहा कि स्वामीजी युवाओं के शाश्वत प्रेरणास्रोत हैं और उनके जीवन में ‘असंभव’ जैसा कोई शब्द नहीं था। कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर कर्म करते रहने का संदेश आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक है। राज्यपाल ने युवाओं से आत्मविश्वास, निष्ठा और लक्ष्य के प्रति अडिग रहने का आह्वान किया।

इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए राज्यपाल ने रामकृष्ण मठ और मिशन से अपने जुड़ाव का उल्लेख किया और बताया कि स्वामी विवेकानंद के विचारों ने उनके जीवन को गहराई से प्रभावित किया है।

कार्यक्रम में संस्कार भारती, पश्चिम बंगाल की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। संस्कार भारती के सहयोग से आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मेले को नई ऊंचाई दी। समापन दिवस पर संस्कार भारती, हावड़ा नगर जिला की ओर से गीति-आलेख्य का सशक्त मंचन किया गया। इसके साथ ही अखंड वंदे मातरम् गायन ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभाव से ओतप्रोत कर दिया।

समारोह की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के पैतृक आवास के सचिव स्वामी ज्ञानलोकानंद महाराज के संबोधन से हुई। उन्होंने ‘जीव में प्रेम के माध्यम से ईश्वर प्राप्ति’ के विचार को रेखांकित करते हुए युवा पीढ़ी को नए उत्साह और संकल्प के साथ जाग्रत होने का संदेश दिया। इस अवसर पर विवेक-प्रज्ञा वृत्ति प्रदान समारोह सहित अनेक अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

उल्लेखनीय है कि यह स्वामी विवेकानंद मिलन मेला विवेकानंद पाठचक्र द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें संस्कार भारती, पश्चिम बंगाल का सक्रिय सहयोग रहा। रामकृष्ण मिशन, स्वामी विवेकानंद के पितृक आवास एवं सांस्कृतिक केंद्र के तत्वावधान में नौ से 13 जनवरी तक स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में इस मेले का आयोजन किया गया। पांच दिनों तक चले इस आयोजन में संगोष्ठियां, युवा सम्मेलन, चर्चा सत्र और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

समापन समारोह में बड़ी संख्या में दर्शकों और अनुयायियों की उपस्थिति ने स्वामी विवेकानंद मिलन मेले की सफलता को और अधिक भव्य बना दिया।

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