
बाँकुड़ा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर देश में विध्वंसक गतिविधियों को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने शाह को ‘दुशासन’ बताते हुए कहा कि जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, ऐसे लोग राज्य में आ जाते हैं। बनर्जी ने शाह के इस दावे को भी खारिज किया कि पश्चिम बंगाल से ही घुसपैठ होती है और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार का रवैया सवालों के घेरे में है। एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य में पहुंचे हैं। इसी माहौल में मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मंगलवार को बाँकुड़ा के बाराजोरा के बिरसिंहपुर मैदान में एक विशाल जनसभा सभा से भाजपा पर जमकर हमला बोला। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने एसआईआर मुद्दे पर भाजपा की मांग की कड़ी आलोचना की। भाजपा ने कहा कि एसआईआर के ज़रिए घुसपैठियों और रोहिंग्याओं के नाम हटाए जाएंगे। इस बारे में सवाल उठाते हुए ममता ने कहा, “सिर्फ़ बंगाल में घुसपैठिए हैं। कश्मीर में कोई नहीं है, दिल्ली में कोई नहीं है। तो पहलगांव में हमला कैसे हुआ? दिल्ली में किसने घटना की?” उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब जानबूझकर बंगाल को निशाना बनाने के इरादे से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि एसआईआर को सिर्फ दो महीने में इतनी जल्दी क्यों पूरा किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रोसेस की वजह से अब तक 58 से 60 आम लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की भूमिका पर भी निशाना साधा। इससे पहले, मीटिंग की शुरुआत में ममता बनर्जी ने पिछले 14 सालों में तृणमूल कांग्रेस सरकार के विकास का हिसाब पेश किया। उन्होंने कहा कि एक समय माओवादी के डर की वजह से टूरिस्ट बांकुड़ा आने से डरते थे, आज वह स्थिति बदल गई है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा प्रोजेक्ट्स में राज्य की तरक्की पर भी ज़ोर दिया। मुख्यमंत्री ने खास तौर पर बांकुड़ा ज़िले के छात्रों के अच्छे नतीजों का भी ज़िक्र किया। तृणमूल सुप्रीमो ने भाजपा शासित राज्यों पर भी हमला बोला और अलग-अलग राज्यों में प्रवासी मज़दूरों पर जुल्म का आरोप लगाया। उनके शब्दों में, “उत्तर प्रदेश, असम, ओडिशा, राजस्थान अलग-अलग जगहों पर प्रवासी मज़दूरों पर जुल्म किया जा रहा है। “हालांकि, बंगाल में 1.5 करोड़ प्रवासी मज़दूर होने के बावजूद हम किसी को परेशान नहीं करते।”गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस बांकुरा जिले की 12 में से 8 विधानसभा सीटें हार गई थी। वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में भी जिले की दो सीटों में से विष्णुपुर में तृणमूल को हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बड़जोड़ा़ की इस सभा से ममता बनर्जी का आक्रामक बयान राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
