वीरभूम के चार मकानों पर ईडी की नजर, आते जाते रहे हैं पार्थ चटर्जी

 

कोलकाता । पश्चिम बंगाल में शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किए गए राज्य के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी पर ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है। केंद्रीय एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया है कि बीरभूम के शांतिनिकेतन इलाके में तीन मकान और एक गेस्ट हाउस पर हमारी नजर है जहां पार्थ चटर्जी का आना-जाना रहा है। इन मकानों का मालिकाना और पार्टनरशिप के दस्तावेज देखे जा रहे हैं।
पता चला है कि बीरभूम के शांतिनिकेतन स्थित ग्वालपाड़ा, फुलडांगा और उत्तरपल्ली में ये तीनों मकान और गेस्ट हाउस हैं। स्थानीय लोगों ने केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों को बताया है कि यहां कई बार पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी एक साथ आए हैं। वे यहां लंबा वक्त बिताते थे । शांतिनिकेतन में जो घर है उसका नाम है अप्पा। यह एक मंजिला बंगलो है। दोनों तरफ बागान है। यहां नियमित तौर पर लोगों का आना जाना रहता है। यहां केयरटेकर भी रहता है। उसकी पत्नी झर्ना दास ने बताया कि सब लोग कह रहे हैं कि पार्थ चटर्जी का घर है लेकिन किसका घर है हमें नहीं मालूम। हम बस काम करते हैं और महीना मिलता है। तीन-चार-छक़ महीना के अंतर पर एक महिला आती थी और पैसा देकर जाती थी। हालांकि अर्पिता की तस्वीर दिखाने पर उसने पहचानने से इनकार कर दिया।
यही पास में गेस्ट हाउस है जिसमें रेखा सिंह काम करती है। वह भी केयरटेकर है। वह कहती हैं कि छह सालों से वहां रहते हो गया। पार्थ चटर्जी का घर है। उनसे पूछा गया कि क्या यहां पार्थ चटर्जी आते हैं। जवाब दिया कि हां आते हैं। साथ में कई लोग आते हैं। अर्पिता भी आती थी। वह कई घंटों तक यहां रहते थे। बाहर किसी के साथ बातचीत नहीं करते थे। इसी तरह से अन्य मकानों के आसपास के लोगों ने भी दावा किया है जिसके बाद ईडी अधिकारियों की नजर इस पर है। यहां जल्द तलाशी अभियान चलाया जा सकता है।

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