
प्रवेश-निकास द्वार, अग्निशमन व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन का लिया जायजा, पूजा समितियों को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश
आसनसोल। कोलकाता के चोरबागान स्थित दुर्गापूजा पंडाल में 19 लोगों की मौत की घटना के बाद पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस घटना से सबक लेते हुए आसनसोल में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी क्रम में आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने रविवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शहर के कई बड़े दुर्गापूजा पंडालों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही पूजा समितियों को सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान विधायक ने पंडालों में श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के लिए बनाए गए द्वारों की स्थिति की जांच की। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ने पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वैकल्पिक मार्गों की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया गया। विधायक ने बिजली की व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता और पुलिसकर्मियों तथा स्वयंसेवकों की तैनाती से संबंधित तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने पूजा समितियों के प्रतिनिधियों से सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा। निरीक्षण के दौरान विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने पूजा समितियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की स्थिति में भी प्रवेश और निकास द्वारों को बंद नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि भीड़ का दबाव बढ़ने पर लोगों की आवाजाही बाधित होने से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए सभी द्वारों और निकासी मार्गों को इस तरह व्यवस्थित रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। उन्होंने स्वयंसेवकों और सुरक्षा कर्मियों को भीड़ के बीच समन्वय बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही अफवाह फैलाने वाली घोषणाओं से बचने और किसी भी अप्रिय स्थिति में केवल प्रमाणित जानकारी के आधार पर श्रद्धालुओं को सूचना देने की हिदायत दी।विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि कोलकाता की घटना बेहद दुखद है और इससे सभी को सबक लेने की जरूरत है। दुर्गापूजा लाखों लोगों की आस्था और भावनाओं से जुड़ा त्योहार है। ऐसे में पूजा की खुशियों के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि आसनसोल में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी संबंधित पक्षों को पूरी सतर्कता के साथ काम करना चाहिए।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सप्तमी से दशमी तक पूजा के प्रमुख दिनों में बड़े पंडालों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस और प्रशासन के स्तर पर आवश्यक सतर्कता बरतने के साथ पूजा समितियों तथा स्वयंसेवकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। कोलकाता की घटना के बाद आसनसोल में पूजा आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हुई इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुर्गापूजा के दौरान प्रमुख पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में प्रवेश और निकास मार्गों को सुचारु रखना, अग्निशमन व्यवस्था दुरुस्त रखना तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी करना बेहद जरूरी है। विधायक के औचक निरीक्षण का उद्देश्य भी पूजा समितियों को इन जिम्मेदारियों के प्रति सजग करना और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की तैयारियों का जायजा लेना रहा। अब पूजा के शेष दिनों में सुरक्षा संबंधी निर्देशों का कितना प्रभावी ढंग से पालन होता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
