
दुर्गापुर। दुर्गापूजा के अवसर पर दुर्गापुर के मार्कनी दक्षिणपल्ली का पूजा पंडाल अपनी अनूठी स्थापत्य कला और भव्य सजावट के कारण आकर्षण का केंद्र बन गया है। इस वर्ष यहां अबूधाबी स्थित स्वामीनारायण मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित पंडाल की आकर्षक बनावट के साथ मनमोहक विद्युत सज्जा भी लोगों का ध्यान खींच रही है। पंडाल के उद्घाटन के साथ ही पूजा परिसर में उत्सव का माहौल बन गया। आयोजकों को उम्मीद है कि पंडाल की अनूठी बनावट और आकर्षक रोशनी दुर्गापूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करेगी। मार्कनी दक्षिणपल्ली के पूजा पंडाल के उद्घाटन समारोह में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पश्चिम बंगाल के प्रमुख संगठनात्मक प्रभारी सुनील बंसल, राज्य के लोक निर्माण मंत्री डॉ. अजय पोद्दार, दुर्गापुर पूर्व के विधायक चंद्रशेखर बनर्जी समेत कई विशिष्ट व्यक्ति उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में आयोजित उद्घाटन समारोह ने पूजा आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा का अनावरण किया गया। अतिथियों के स्वागत के लिए सड़क पर आकर्षक अल्पना बनाई गई थी और जगह-जगह दीप जलाए गए थे। पारंपरिक स्वागत, दीपों की रोशनी और बाउल संगीत की मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। समारोह में पारंपरिक संस्कृति और आधुनिक सजावट का सुंदर संगम देखने को मिला। इस वर्ष मार्कनी दक्षिणपल्ली की पूजा का मुख्य आकर्षण अबूधाबी के स्वामीनारायण मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित पंडाल है। पंडाल को इस तरह तैयार किया गया है कि उसकी बनावट में मंदिर की भव्यता और स्थापत्य शैली की झलक दिखाई दे। इसके साथ की गई विद्युत सजावट ने पंडाल की सुंदरता को और निखार दिया है। रोशनी और सजावट के समन्वय से पूजा परिसर को विशेष रूप दिया गया है। दुर्गापूजा के दौरान हर वर्ष विभिन्न पूजा समितियां अपने पंडालों के माध्यम से नई कल्पनाओं और कलात्मक प्रयोगों को प्रस्तुत करती हैं। इसी क्रम में मार्कनी दक्षिणपल्ली ने इस बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित धार्मिक स्थापत्य से प्रेरणा लेकर पंडाल तैयार किया है। आयोजकों की यह पहल पूजा प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण बनने की उम्मीद है। उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति से आयोजन को विशेष महत्व मिला। अब पूजा के आगामी दिनों में पंडाल देखने के लिए लोगों की कितनी भीड़ जुटती है और इसकी अनूठी स्थापत्य कला दर्शकों को कितना आकर्षित करती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
