
गैर-कार्यपालक कर्मचारियों की हाफ-डे व्यवस्था में बदलाव के खिलाफ डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर के समक्ष उठाया था मामला
आसनसोल। आसनसोल के बर्नपुर स्थित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के इस्को स्टील प्लांट (आईएसपी) में गैर-कार्यपालक कर्मचारियों के लिए शनिवार को फुल डे ड्यूटी लागू करने के फैसले को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रबंधन ने अपने पूर्व आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया है। प्रबंधन की ओर से सोमवार, 14 सितंबर को इस संबंध में नया सर्कुलर जारी किया गया। सर्कुलर संख्या HR/CF/Rules/2026/36 के माध्यम से शनिवार की फुल डे ड्यूटी से संबंधित पूर्व आदेश को ‘इन एबियांस’ रखने की जानकारी दी गई है। बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ (बीएमएस) ने प्रबंधन के इस फैसले को कर्मचारियों के हित में बड़ी सफलता बताया है। संघ के अनुसार, कर्मचारियों की शनिवार की हाफ-डे व्यवस्था में बदलाव के खिलाफ संगठन ने तत्काल विरोध दर्ज कराया था और मामले को डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर (डीएलसी), आसनसोल के समक्ष उठाया था। जानकारी के अनुसार, आईएसपी प्रबंधन ने गत 21 अगस्त 2026 को नॉन-वर्क्स विभागों में कार्यरत गैर-कार्यपालक कर्मचारियों के लिए शनिवार की हाफ-डे व्यवस्था को समाप्त कर फुल डे ड्यूटी करने संबंधी आदेश जारी किया था। आदेश सामने आने के बाद कर्मचारियों और ट्रेड यूनियन के स्तर पर इसका विरोध शुरू हुआ। बीएमएस का कहना था कि सेवा शर्तों में इस प्रकार का बदलाव कर्मचारियों के हितों को प्रभावित करने वाला है। संघ ने इस मामले को लेकर डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर के समक्ष औपचारिक विवाद दर्ज कराया। बीएमएस की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि प्लांट में प्रस्तावित ट्रेड यूनियन के गुप्त मतदान (सीक्रेट बैलेट) की प्रक्रिया के दौरान सेवा शर्तों में इस तरह का बदलाव उचित नहीं है। मामले को लेकर डीएलसी कार्यालय में प्रबंधन और ट्रेड यूनियन के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई। बीएमएस के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों की ओर से अपना पक्ष रखते हुए शनिवार की फुल डे ड्यूटी के फैसले को वापस लेने की मांग की। संघ का दावा है कि लगातार विरोध और वार्ता के बाद प्रबंधन को अपने पूर्व निर्णय पर पुनर्विचार करना पड़ा। सोमवार को जारी नए सर्कुलर में प्रबंधन ने शनिवार की फुल डे ड्यूटी संबंधी पूर्व आदेश को फिलहाल स्थगित (इन एबियांस) रखने की घोषणा की। इसके बाद बीएमएस नेताओं और समर्थकों ने इसे संगठन की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ के नेतृत्व ने इस फैसले पर कर्मचारियों को बधाई दी। संघ की ओर से कहा गया कि कर्मचारियों के अधिकार और हितों से जुड़े किसी भी मुद्दे पर संगठन पीछे नहीं हटेगा। बीएमएस नेताओं ने दावा किया कि शनिवार की फुल डे ड्यूटी के आदेश के खिलाफ संगठन ने शुरुआत से ही स्पष्ट रुख अपनाया और कानूनी एवं औद्योगिक संबंधों से जुड़े मंच पर कर्मचारियों की आवाज उठाई। संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रबंधन के इस फैसले के खिलाफ अन्य कुछ ट्रेड यूनियन अपेक्षित तरीके से सामने नहीं आईं। बीएमएस नेतृत्व ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट हुआ है कि कर्मचारियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने की जरूरत पड़ने पर संगठन हर स्तर पर अपनी बात रखने के लिए तैयार है। बीएमएस नेतृत्व ने कहा कि शनिवार की फुल डे ड्यूटी का आदेश फिलहाल स्थगित किया जाना कर्मचारियों के लिए राहत की बात है। संघ ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी यदि कर्मचारियों की सेवा शर्तों, अधिकारों या हितों को प्रभावित करने वाला कोई फैसला लिया जाता है, तो उसका लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से विरोध किया जाएगा। संघ ने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच संवाद तथा सामूहिक समझौते की प्रक्रिया को महत्व दिया जाना चाहिए। बीएमएस ने कर्मचारियों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले श्रमिक हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
