
विधायक डॉ. बिजन मुखर्जी ने कहा—ईसीएल की बिजली पर निर्भर क्षेत्रों को राज्य विद्युत व्यवस्था से जोड़ने की पहल जारी
जामुड़िया। लंबे समय से बिजली संकट से जूझ रहे जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में निर्बाध और स्थायी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग को लेकर रविवार को परिहारपुर प्राथमिक विद्यालय परिसर में नागरिक मंच के आह्वान पर जन सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, श्रमिक नेताओं, छात्र-युवाओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। लोगों ने बिजली की अनियमित आपूर्ति, बार-बार ट्रांसफार्मर खराब होने तथा ईसीएल की बिजली व्यवस्था पर निर्भरता से होने वाली परेशानियों को प्रमुखता से उठाया।सम्मेलन में मौजूद जामुड़िया के विधायक डॉ. बिजन मुखर्जी ने बिजली समस्या के स्थायी समाधान के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने अब तक इस समस्या के समाधान के लिए अपने स्तर से की गई पहल की जानकारी भी लोगों के सामने रखी। स्थानीय लोगों के अनुसार, जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के बागसिमुलिया 7-8 नंबर, गोवालापाड़ा, लालगौड़ा और हरिहरपुर समेत आसपास के इलाकों में पांच सितंबर को ईसीएल की ओर से आपूर्ति किया गया ट्रांसफार्मर जलकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद इलाके में बिजली आपूर्ति को लेकर लोगों की परेशानी और बढ़ गई। समस्या के समाधान को लेकर नागरिक मंच की ओर से पहले भी बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें विधायक ने पहुंचकर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी थीं। जन सम्मेलन में ग्रामीणों ने मांग उठाई कि बागसिमुलिया टोटल 10 नंबर, तीन पोखरिया, गोवालापाड़ा, 7-8 नंबर, मनोहरपुर, 11-12 नंबर और बागानपाड़ा समेत आसपास के विस्तृत क्षेत्र को जल्द से जल्द राज्य विद्युत व्यवस्था के अंतर्गत लाया जाए। ग्रामीणों का कहना था कि इन क्षेत्रों में अब तक राज्य विद्युत व्यवस्था की पहुंच नहीं है और लोग मुख्य रूप से ईसीएल की बिजली आपूर्ति पर निर्भर हैं। ईसीएल की बिजली व्यवस्था में किसी प्रकार की खराबी आने पर पूरे इलाके को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सभा को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. बिजन मुखर्जी ने सबसे पहले लोगों से दो बातों को लेकर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय वह यहां नहीं आ सके थे और रविवार को भी उन्होंने शाम पांच बजे पहुंचने का समय दिया था, लेकिन किसी कारणवश करीब सात बजे सभा में पहुंच पाए। बिजली समस्या को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें इस गंभीर समस्या की जानकारी दो-तीन दिन पहले ही मिली है। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी से बातचीत की है। विधायक ने कहा कि सोमवार को स्थानीय लोगों के साथ इस मुद्दे को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जब तक क्षेत्र के लोगों को राज्य विद्युत व्यवस्था से नहीं जोड़ा जाता, तब तक ईसीएल की ओर से बिजली आपूर्ति बंद नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में ईसीएल प्रबंधन से भी आवश्यक बातचीत की जाएगी, ताकि लोगों को तत्काल राहत मिल सके। डॉ. बिजन मुखर्जी ने कहा कि विधायक बनने के बाद उन्होंने जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के चार स्थानों को राज्य विद्युत व्यवस्था से जोड़ने के लिए पहल शुरू की थी। इनमें बोलियापुर एबीपी, मंडलपुर के पीछे श्मशान क्षेत्र और बुनियादपुर समेत अन्य इलाके शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बजट की समीक्षा के दौरान केवल हरिहरपुर क्षेत्र को राज्य विद्युत व्यवस्था से जोड़ने के लिए करीब 70 लाख रुपये के खर्च का अनुमान सामने आया है। इस संबंध में उन्होंने सांसद से बातचीत करने के साथ ही संबंधित मंत्री से भी चर्चा की है और उन्हें पत्र भी भेजा गया है। विधायक ने बताया कि उन्होंने आसनसोल के एसएम से भी फोन पर बातचीत की है। सोमवार या मंगलवार को इस संबंध में ज्ञापन सौंपे जाने की संभावना है और संबंधित मंत्री के साथ बैठक भी तय हुई है। विधायक ने कहा कि केवल जामुड़िया ही नहीं, बल्कि आसनसोल लोकसभा क्षेत्र के जिन-जिन इलाकों में लोग अभी भी ईसीएल की बिजली पर निर्भर हैं और राज्य विद्युत व्यवस्था की सुविधा नहीं पहुंची है, उन सभी क्षेत्रों को राज्य विद्युत व्यवस्था के दायरे में लाने के लिए अंतिम प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। विधायक ने बिजली व्यवस्था में आ रही तकनीकी समस्याओं के लिए ओवरलोड को भी एक प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि ईसीएल प्रबंधन की ओर से लगातार आर्थिक नुकसान की बात कही जा रही है। उनका कहना था कि कई स्थानों पर आवश्यकता से अधिक विद्युत भार होने के कारण ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिजली का उपयोग आवश्यकता के अनुसार ही करें। विधायक के अनुसार, कई जगहों पर निर्धारित क्षमता से अधिक भार पड़ने के कारण ट्रांसफार्मर खराब अथवा जल जाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जहां करीब 500 केवीए भार की आवश्यकता होनी चाहिए, वहां कई बार 700 केवीए तक का भार पड़ जाता है। इससे ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है और बिजली आपूर्ति बाधित होती है।
डॉ. मुखर्जी ने कहा कि वह पहले भी दो-तीन बार 500 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मर की मरम्मत अथवा व्यवस्था करवाने की पहल कर चुके हैं, ताकि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सामान्य बनी रहे।
उन्होंने कहा कि उनके पांच वर्ष के कार्यकाल में विधानसभा क्षेत्र की जनता की ओर से उठाई जाने वाली समस्याओं के समाधान के लिए वह राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हर घर में बिजली पहुंचे, बच्चे निर्बाध रूप से पढ़ाई कर सकें और लोगों को रोजमर्रा के जीवन में बिजली संकट का सामना न करना पड़े, यही उनका लक्ष्य है। जामुड़िया नगर पालिका के लंबे समय तक चेयरमैन रहे तापस कोवि ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने परिहारपुर और आसपास के इलाकों में बिजली संकट की वास्तविक स्थिति सामने रखते हुए समस्या के शीघ्र और स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर लोगों को लंबे समय तक परेशानी में रखना उचित नहीं है। क्षेत्र की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर काम करना चाहिए। श्रमिक नेता मनोज दत्त ने भी बिजली समस्या पर अपने विचार रखे। उन्होंने ईसीएल की भूमिका का उल्लेख करते हुए क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर की मरम्मत और क्षेत्र में बिजली सेवा को सामान्य करने के लिए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।सम्मेलन में कांग्रेस की ओर से ब्लॉक अध्यक्ष परितोष बाउरी और तृणमूल कांग्रेस की ओर से मुजिबुर रहमान ने अपने विचार रखे। परितोष बाउरी ने कहा कि बिजली आपूर्ति में बार-बार होने वाली समस्या के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने विधायक से इस समस्या के स्थायी समाधान को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी क्षेत्र की बिजली समस्या को लेकर अपने विचार रखे। ग्रामीणों की ओर से छात्र, युवा और विभिन्न इलाकों के लोगों ने भी अपनी समस्याएं सामने रखीं। लोगों ने बताया कि बिजली की अनियमित आपूर्ति का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और रोजमर्रा के जीवन पर पड़ रहा है।
सम्मेलन में वक्ताओं ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्र के लोगों के हित में बिजली समस्या का स्थायी समाधान निकालने तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। जन सम्मेलन की अध्यक्षता श्यामल गांगुली ने की। सम्मेलन को लेकर स्थानीय लोगों में व्यापक उत्साह और प्रतिक्रिया देखने को मिली। इस अवसर पर भाजपा नेता निरंजन सिंह, विश्वजीत मिश्रा और आनंद सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।
