
रामायण पाठ से मर्यादित जीवन जीने की प्रेरणा ।
कोलकाता । तिवारी ब्रदर्स स्थित श्रद्धेय पण्डित बनवारीलाल तिवारी सभागार में अखण्ड रामायण पाठ, भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालु भक्त भाव विभोर हो रहे हैं ।परम्परागत रामायण पाठ में पधारे भागवताचार्य स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा रामायण पाठ से मर्यादित जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है । मंगल भवन अमंगल हारी….राम कथा सुंदर कर तारी, संशय बिहग उड़ावनिहारी ॥ रामकथा सुन्दर हाथ की ताली के समान है, जो संशय रूपी पक्षियों को उड़ा देती है । भक्तों के संकट राम नाम जपने से मिट जाते हैं और वे सुखी हो जाते हैं ।

धर्मानुरागी समाजसेवी पण्डित लक्ष्मीकांत तिवारी, पद्माकांत तिवारी, शंकरलाल तिवारी, रामलाल तिवारी एवम् परिवार के सदस्यों ने श्रद्धालु भक्तों का स्वागत किया ।

सांवरिया सत्संग परिवार, डॉ. प्रेमशंकर त्रिपाठी, विजय उपाध्याय, अरुण गुप्ता, पप्पू तिवारी, संगम पाण्डे, राजू जैन, योगेश अवस्थी, दीपू जैन, विनोद परसरामका, आनंद मोहन सिंह, दयाराम, लक्ष्मीनारायण तिवारी, योगेन्द्र सिंह, रामजी एवं श्रद्धालु भाव विभोर हो गये । रामायण पाठ की पूर्णाहुति बुधवार 9 सितम्बर को होगी ।
