रानीगंज ट्रैफिक गार्ड की ओर से बैठक, ‘राह-वीरों’ से घायलों की मदद को आगे आने की अपील

रानीगंज। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और बहुमूल्य जीवन बचाने के उद्देश्य से रानीगंज ट्रैफिक गार्ड कार्यालय परिसर में सड़क सुरक्षा एवं ‘राह-वीर’ योजना को लेकर विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के एसीपी (ट्रैफिक-द्वितीय) तथा टीआई-द्वितीय सहित यातायात विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में करीब 15 ‘राह-वीर’ स्वयंसेवक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सड़क दुर्घटनाओं के बाद घायलों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने, दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण समय में उन्हें सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाने तथा जरूरत पड़ने पर पुलिस और चिकित्सा तंत्र के साथ समन्वय स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्वयंसेवकों को दुर्घटना के समय उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर सहायता मिलने और घायल को शीघ्र अस्पताल पहुंचाने से उसकी जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए दुर्घटना स्थल पर मौजूद नागरिकों को भयभीत होने के बजाय मानवीय आधार पर आगे आकर घायल की सहायता करनी चाहिए। बैठक में ‘राह-वीर’ स्वयंसेवकों को बताया गया कि दुर्घटना होने की स्थिति में सबसे पहले परिस्थितियों का आकलन कर घायल व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके बाद बिना अनावश्यक विलंब किए उसे निकटतम अस्पताल अथवा ट्रॉमा सेंटर तक पहुंचाने की दिशा में कदम उठाना चाहिए। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सहायता करते समय स्वयंसेवकों को अपनी सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने ‘राह-वीर’ स्वयंसेवकों के कार्य की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। उन्हें दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए सक्रिय रहने तथा अपनी जिम्मेदारी मानवता, संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ निभाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है। दुर्घटना के बाद समय पर मदद मिलने से कई लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। ‘राह-वीर’ योजना सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की तत्काल सहायता करने वाले आम नागरिकों को प्रोत्साहित करने की पहल है। इसे पहले ‘गुड समैरिटन योजना’ या ‘नेक आदमी योजना’ के नाम से जाना जाता था। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण ‘स्वर्णिम समय’ में अस्पताल पहुंचाने के लिए आम नागरिकों को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने अथवा उसे समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नागरिक को प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र दिए जाने का प्रावधान है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पात्र ‘राह-वीर’ को प्रति घटना 25 हजार रुपये तक का पुरस्कार दिया जा सकता है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित उत्कृष्ट ‘राह-वीरों’ को विशेष पुरस्कार दिए जाने का भी प्रावधान है। योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह भी है कि सड़क दुर्घटना के पीड़ित की सहायता करने वाले नागरिक पुलिस या कानूनी प्रक्रिया के भय से पीछे न हटें। दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले व्यक्ति को निर्धारित कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाता है, ताकि वह बिना अनावश्यक भय के घायल को अस्पताल पहुंचाने में सहायता कर सके। बैठक में अधिकारियों ने स्वयंसेवकों को इसी भावना के साथ आगे आने और सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों की सहायता करने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों का कहना था कि किसी घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाना कई बार उसके जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकता है। सड़क दुर्घटना के बाद स्वेच्छा से घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने अथवा उसे अस्पताल पहुंचाने में मदद करने वाला कोई भी नागरिक ‘राह-वीर’ की भूमिका निभा सकता है। इसके लिए किसी विशेष सरकारी पद अथवा पेशे से जुड़ा होना आवश्यक नहीं है। रानीगंज ट्रैफिक गार्ड में आयोजित बैठक में इसी मानवीय जिम्मेदारी को लेकर स्वयंसेवकों को जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना के समय एक छोटी-सी पहल भी किसी व्यक्ति की जिंदगी बचा सकती है। इसलिए लोगों को सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने से डरना नहीं चाहिए। बैठक के अंत में अधिकारियों ने सभी ‘राह-वीर’ स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया और उनसे सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने तथा दुर्घटना पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि रानीगंज क्षेत्र में ‘राह-वीर’ स्वयंसेवकों की सक्रियता से सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार दिलाने और बहुमूल्य जीवन बचाने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।

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