
रानीगंज। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देते हुए रानीगंज के यूथ जिम्नेजियम की ओर से शनिवार को भव्य ‘तिरंगा यात्रा’ निकाली गई। संस्था की ओर से आयोजित इस प्रभात फेरी में बड़ी संख्या में संस्था के सदस्य, पदाधिकारी एवं शहर के गणमान्य लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर निकली इस शोभायात्रा से पूरा रानीगंज देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। तिरंगा यात्रा में यूथ जिम्नेजियम के कर्णधार तपन चक्रवर्ती, नीलाद्रि चक्रवर्ती, राजीव राय सहित अन्य विशिष्ट लोग एवं संस्था के सदस्य मौजूद रहे। सभी ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ स्वतंत्रता दिवस के इस विशेष आयोजन में हिस्सा लिया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी यूथ जिम्नेजियम की तिरंगा यात्रा ने रानीगंज शहरवासियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। यात्रा के दौरान आदिवासी नृत्य, ढोल-नगाड़े तथा विभिन्न पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुति ने वातावरण को और भी जीवंत बना दिया। कलाकारों ने रास्ते में विभिन्न स्थानों पर पथ नृत्य प्रस्तुत कर लोगों को आकर्षित किया। देशभक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अनूठे संगम के कारण यात्रा शहरवासियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही। तिरंगा यात्रा के दौरान सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ दिखाई दी। राष्ट्रीय ध्वज के साथ निकली इस शोभायात्रा में देशभक्ति की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। आयोजन के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। शोभायात्रा के दौरान रानीगंज के नेताजी स्टैच्यू मोड़ पर पहुंचकर संस्था के पदाधिकारियों एवं विशिष्ट अतिथियों ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। संस्था के महासचिव तपन चक्रवर्ती, अध्यक्ष नीलाद्रि चक्रवर्ती, चेयरमैन राजीव राय सहित अन्य लोगों ने नेताजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके देश के प्रति योगदान और त्याग को स्मरण किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और संघर्ष को याद करने का अवसर भी है, जिनके बलिदान से देश को आजादी मिली। नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जोड़ना और उनमें देशप्रेम एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यूथ जिम्नेजियम की इस तिरंगा यात्रा में राष्ट्रप्रेम के साथ स्थानीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। आदिवासी नृत्य, ढोल-नगाड़ों और पथ नृत्य की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। पूरे आयोजन के दौरान रानीगंज शहर में उत्सव और देशभक्ति का माहौल बना रहा।
