अभिनेत्री कियारा आडवाणी ने आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में अपने किरदार को अब तक के करियर का सबसे रचनात्मक और संतोषजनक अनुभव बताया है। हाल ही में फिल्म के टीजर को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने महिला किरदारों के चित्रण पर सवाल उठाए थे।
इन आलोचनाओं के बीच कियारा ने कहा कि फिल्म में हर महिला किरदार को मजबूत और महत्वपूर्ण ढंग से पेश किया गया है। उन्होंने नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत के साथ काम करने के अनुभव को भी यादगार बताया।
एक बातचीत में कियारा ने कहा कि निर्देशक गीतू मोहनदास की सोच और कहानी ने उन्हें इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि उनका किरदार ‘नादिया’ कई भावनात्मक परतों से भरा हुआ है, जिसमें मजबूती, संवेदनशीलता, सनक और लाचारी जैसे कई रंग देखने को मिलते हैं। कियारा के अनुसार, इस भूमिका की तैयारी के दौरान उन्हें एक बार फिर अभिनय से प्यार हो गया और उन्हें महसूस हुआ कि वह अपने करियर के उस मुकाम पर पहुंच चुकी हैं, जहां ऐसे चुनौतीपूर्ण किरदार निभा सकती हैं।
इन आलोचनाओं के बीच कियारा ने कहा कि फिल्म में हर महिला किरदार को मजबूत और महत्वपूर्ण ढंग से पेश किया गया है। उन्होंने नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत के साथ काम करने के अनुभव को भी यादगार बताया।
एक बातचीत में कियारा ने कहा कि निर्देशक गीतू मोहनदास की सोच और कहानी ने उन्हें इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि उनका किरदार ‘नादिया’ कई भावनात्मक परतों से भरा हुआ है, जिसमें मजबूती, संवेदनशीलता, सनक और लाचारी जैसे कई रंग देखने को मिलते हैं। कियारा के अनुसार, इस भूमिका की तैयारी के दौरान उन्हें एक बार फिर अभिनय से प्यार हो गया और उन्हें महसूस हुआ कि वह अपने करियर के उस मुकाम पर पहुंच चुकी हैं, जहां ऐसे चुनौतीपूर्ण किरदार निभा सकती हैं।
