
कोलकाता, 13 जुलाई। महानगर की ख्यातिलब्ध सृजनशील साहित्यिक संस्था बंगीय हिंदी परिषद में कविकल्प एवं पुस्तक विमोचन समारोह दो सत्रों में संपन्न हुआ। प्रथम सत्र में युवा कवयित्री निधि सिंह की प्रथम कृति ‘क़ैद एहसास’ का लोकार्पण किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता दयाशंकर मिश्र ने की।प्रधान अतिथि के रूप में चंद्रिका प्रसाद पाण्डेय ‘अनुरागी’ तथा अजय पोद्दार उपस्थित थे।प्रधान वक्ता उर्वशी श्रीवास्तव ने कवयित्री की प्रथम कृति की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की तथा कृति की सराहना की।अध्यक्ष एवं अतिथि ने युवा संवेदनाओं की अभिव्यक्ति के लिए ‘क़ैद एहसास की’ सराहना की।द्वितीय सत्र की अध्यक्षता ब्रजेश त्रिपाठी ने की। अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए ब्रजेश त्रिपाठी ने कविकल्प के संकल्पों की सराहना की तथा काव्य सरिता के पावन प्रवाह में अवगाहन के लिए समस्त उपस्थित कवियों की ओर से परिषद् के प्रति आभार व्यक्त किया।अतिथि के रूप में राम पुकार गाजीपुरी, कृष्ण कुमार दूबे तथा रामनारायण झा उपस्थित रहे।कविकल्प में स्वीटी कुमारी महतो, वर्षा सिंह, रोशनी शर्मा, बिमल शर्मा, ओम प्रकाश चौबे, अय्यूब वारसी कोलकतवी, अतुल श्रीवास्तव, रंजीत सिंह, विश्वजीत शर्मा सागर, विजय शर्मा, सजल मजूमदार, शिवम तिवारी, रवि पारस, नीतू शर्मा, जातिब हयाल, जलंधर सिंह, मुज़्तर इफ्तेख़ार, मुश्ताक जैश, यूसुफ अख़्तर, मिली दास, सुरेंद्र सिंह, बीना रजक आदि कवि उपस्थित रहे और अपनी कविताओं से गोष्ठी को समृद्ध किया।प्रथम सत्र का संचालन परिषद् की उपमंत्री पुष्पा मिश्रा तथा द्वितीय सत्र का संचालन प्रदीप कुमार धानुक ने किया। कार्यक्रम का संयोजन मनोज मिश्र ने तथा प्रबंधन कमल पुरोहित ने किया। साहित्य मंत्री सुषमा राय पटेल ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
